
बिलासपुर,यशभारत। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में महज 33 घंटों के भीतर हुई 16 इंच (करीब 415.6 मिमी) मूसलाधार बारिश ने 93 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। लगातार हुई भारी वर्षा से शहर जलमग्न हो गया और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। निचले इलाकों से लेकर वीवीआईपी कॉलोनियों तक पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश के कारण सरकंडा, तोरवा, मोपका, व्यापार विहार, मंगला सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया। कई कॉलोनियां टापू में तब्दील हो गईं और घरों में पानी घुसने से लोगों का सामान भी खराब हो गया। नगर निगम और जिला प्रशासन की टीमें लगातार जलनिकासी और राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
रेल और सड़क यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बिलासपुर रेलवे स्टेशन और यार्ड में पानी भरने से कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। वहीं बिलासपुर-मस्तूरी राष्ट्रीय राजमार्ग तथा लीलागर नदी पुल पर पानी आने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया, जिससे कई गांवों का संपर्क शहर से कट गया।
भारी जलभराव के कारण तीन बड़े बिजली उपकेंद्र और 17 ट्रांसफार्मर पानी में डूब गए। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए बिजली विभाग ने कई इलाकों की विद्युत आपूर्ति एहतियातन बंद कर दी है। इससे हजारों उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार बारिश के बीच एक बुजुर्ग महिला की पानी के तेज बहाव में जान चली जाने की सूचना भी सामने आई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। बिलासपुर में रिकॉर्ड बारिश के चलते उत्पन्न स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।







