सड़क पर घायल पड़े दो लोगों की बचाई जान, दमोह के पहले ‘राहवीर’ बने दो भाई : गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने की मानवीय पहल पर शासन ने दिया सम्मान

दमोह। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए समय पर अस्पताल पहुंचना जिंदगी और मौत के बीच का अंतर साबित हो सकता है। इसी मानवीय जिम्मेदारी का परिचय देने वाले इमलाई निवासी दो भाई योगेश सुमन और रत्नेश सुमन को उनकी तत्परता के लिए शासन की ओर से सम्मानित किया गया। दोनों भाइयों को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के दौरान कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने दोनों भाइयों को सम्मानित किया। खास बात यह है कि योगेश सुमन और रत्नेश सुमन दमोह जिले के पहले राहवीर (गुड सेमेरिटन) बने हैं, जिन्हें इस योजना के तहत प्रोत्साहन राशि स्वीकृत हुई है।
जानकारी के अनुसार सड़क दुर्घटना में भारत प्रजापति और विजय लोधी घायल अवस्था में सड़क पर पड़े थे। इस दौरान योगेश और रत्नेश सुमन ने बिना समय गंवाए दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। गोल्डन ऑवर में मिली इस सहायता से दोनों घायलों की जान बचाने में मदद मिली।
जिला प्रशासन की ओर से दोनों भाइयों के इस मानवीय कार्य को देखते हुए उनका प्रकरण राहवीर (गुड सेमेरिटन) योजना के तहत प्रोत्साहन राशि के लिए परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश शासन भोपाल को भेजा गया था। प्रकरण को स्वीकृति मिलने के बाद दोनों को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि सड़क दुर्घटना के समय घायलों की मदद कर उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शासन द्वारा यह योजना संचालित की जा रही है। योगेश और रत्नेश सुमन की पहल इसी योजना के तहत जिले में पहला स्वीकृत प्रकरण बनी है।







