सड़क निर्माण में करोड़ों की गड़बड़ी : PWD उपयंत्री पर 43 लाख की रिकवरी

सतना, यश भारत।लोक निर्माण विभाग (PWD) में वित्तीय अनियमितताओं के एक गंभीर मामले में रीवा परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ने बड़ी दंडात्मक कार्रवाई करते हुए मझगवां उपसंभाग के प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी (उपयंत्री) एम.के. त्रिपाठी को दोषी ठहराया है। विभागीय जांच में करोड़ों की लागत से बन रही मझगवां-पटना-पहाड़ीखेरा मुख्य जिला मार्ग के निर्माण कार्य में भारी वित्तीय गड़बड़ियां सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार 38 किलोमीटर लंबाई वाली इस सड़क का निर्माण कार्य मेसर्स कृष्णा इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा कराया जा रहा है। जांच के दौरान पाया गया कि ठेकेदार के तीसरे रनिंग बिल के भुगतान हेतु प्रस्तुत माप-पुस्तिका (एमबी) में नियमों को दरकिनार कर कई गंभीर त्रुटियां और हेरफेर किए गए थे।
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि एक ही चैनेज पर मिट्टी की खुदाई और उसी स्थान पर पुनः भराई का भुगतान दर्शाया गया। इसके अलावा स्वीकृत ड्राइंग से अधिक मात्रा में पुलियों की नींव खुदाई दर्ज की गई तथा एक ही दिन में पुल की तीन अलग-अलग लिफ्टों का कंक्रीट कार्य दर्शाकर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
विभाग ने यह भी पाया कि सक्षम अधिकारी से ड्राइंग एवं डिजाइन स्वीकृत कराए बिना भुगतान संबंधी कार्रवाई की गई। सरिया एवं बैक फिलिंग जैसे मदों में ठेकेदार को अनुचित वित्तीय लाभ पहुंचाने के प्रमाण भी जांच में सामने आए। इन सभी अनियमितताओं के कारण विभाग को कुल 86 लाख 20 हजार 787 रुपये की वित्तीय क्षति हुई।
मामले में जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब को विभाग ने तथ्यहीन और असंतोषजनक मानते हुए खारिज कर दिया। इसके बाद मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियंता ने उपयंत्री एम.के. त्रिपाठी से कुल वित्तीय क्षति की आधी राशि 43 लाख 10 हजार 393 रुपये की वसूली के आदेश जारी किए हैं।
इसके साथ ही उनकी एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई है तथा इस दंड की प्रविष्टि उनकी मूल सेवा पुस्तिका में दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग की इस कार्रवाई को वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






