श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भक्तिमय संस्कारधानी, मंदिरों में विविध आयोजन
नंदलाला के जन्मोत्सव की धूम, 51 झांकियों के साथ निकलेगी भव्य शोभायात्रा
यश भारत, जबलपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को संस्कारधानी जबलपुर कृष्णमय नजर आएगी। शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। दिनभर पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, झांकियों और धार्मिक कार्यक्रमों का दौर चलेगा, वहीं मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ मंदिरों में उत्सव चरम पर पहुंचेगा।
हनुमान ताल स्थित श्रीकृष्ण मंदिर, मिलोनीगंज स्थित बलदाऊ मंदिर तथा गोरखपुर मंदिर सहित शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। कई मंदिरों में दिनभर धार्मिक अनुष्ठान और शाम से भजन-कीर्तन आयोजित किए जाएंगे।
इसी क्रम में श्री नृसिंह मंदिर गीता धाम में श्रीमद् जगद्गुरु डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य महाराज के सान्निध्य में जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जाएगा। यहां रात 8 बजे से भजन-कीर्तन होंगे और मध्यरात्रि में भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
51 झांकियों के साथ निकलेगी शोभायात्रा
श्री सनातन धर्म महासभा के तत्वावधान में नटखट नंदकिशोर और यशोदानंदन श्रीकृष्ण की भव्य शोभायात्रा दोपहर 2 बजे पुराने मोटर स्टैंड स्थित सनातन चौक से प्रारंभ होगी। डॉ. स्वामी नरसिंहदास महाराज के सान्निध्य में निकलने वाली इस शोभायात्रा में करीब 51 आकर्षक और सजीव झांकियां शामिल होंगी। इनमें भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं और उनके आदर्शों को प्रदर्शित किया जाएगा।
शोभायात्रा मालवीय चौक, गंजीपुरा, बड़ा फुहारा, कमानिया गेट, मिलौनीगंज, हनुमानताल, गोपाल लाल जी मंदिर और बड़ी खेरमाई मंदिर होते हुए भानतलैया स्थित त्रिमूर्ति मंदिर पहुंचेगी, जहां धर्मसभा के साथ इसका समापन होगा। शोभायात्रा में भजन मंडलियां, अखाड़े, चाचर नृत्य टोलियां और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं की सहभागिता रहेगी।
जगदीश मंदिर गढ़ाफाटक से चैतन्य महाप्रभु संकीर्तन मंडल द्वारा लगातार 30वें वर्ष महामंत्र संकीर्तन करते हुए झांकी निकाली जाएगी। वहीं बड़ा फुहारा के समीप घमंडी चौक पर कांग्रेस के मंच से शोभायात्रा में शामिल संतों, गणमान्य नागरिकों और उत्कृष्ट झांकियों का सम्मान भी किया जाएगा।
इस तरह जन्माष्टमी पर शहर के मंदिरों से लेकर सड़कों तक भक्ति, उल्लास और श्रीकृष्ण की लीलाओं की छटा बिखरती नजर आएगी।






