युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का एमएसएमई वर्कशॉप में मिली स्वरोजगार की जानकारी, कौशल विकास, व्यवसायिक अवसरों एवं सरकारी सहायता योजनाओं से जोडऩे का प्रयास

कटनी, यशभारत। भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय एवं विश्व बैंक समर्थित आरएएमपी योजना के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय वर्कशॉप का समापन जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा के मुख्य आतिथ्य में गया। कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों एवं उद्यमिता के क्षेत्र में रुचि रखने वाले लोगों को एमएसएमई से जुड़ी योजनाओं, वित्तीय सहायता एवं स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी प्रदान करना रहा। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा ने युवाओं एवं विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वर्तमान में एमएसएमई एवं उद्यमिता युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा युवाओं एवं छोटे उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ लेकर युवा स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर सकते हैं और अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं। दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को एमएसएमईएवं उद्यमिता विकास, वित्तीय सहायता, जेईडी, ईएसजी एवं आरईसीपी तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। विशेषज्ञों द्वारा योजनाओं की प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं एवं उद्यम स्थापित करने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं। कार्यशाला में जिले के आईटीआई के सभी छात्र छात्राओं एवं विद्यार्थियों ने भी सहभागिता की। विद्यार्थियों को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को कौशल विकास, व्यवसायिक अवसरों एवं सरकारी सहायता योजनाओं से जोडऩे का प्रयास किया गया।
इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर अनामिका जैन, सह प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, लघु उद्योग भारती से अमित सिंघई, राजकुमार आसरानी, नीलेश विश्वकर्मा, रॉकी राजपलानी, किशन जैन, आनंद पांडे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, आईटीआई के छात्र छात्राएं एवं जिले के अन्य विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने, युवाओं को उद्यमिता से जोडऩे तथा शासकीय योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। दो दिवसीय कार्यशाला को युवाओं एवं उद्यमियों के लिए उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक पहल बताया गया।







