शराबी वाहन चालकों ने भरा सरकार का खजाना, एक साल में 4 हजार का चालान, पुलिस ने वसूले 4 करोड़, एसपी ने कहा : कार्रवाई के बाद दुर्घटनाओं में 6 प्रतिशत की कमी

कटनी, यशभारत। आंकड़े बताते हैं कि जिले में शराब पीकर वाहन चलाने वाले लोगों से पुलिस ने 4 करोड़ रूपए जुर्माना वसूल कर राज्य सरकार का खजाना भरा है। बीते एक साल के आंकड़ों पर गौर फरमाया जाए तो अब तक करीब 4 हजार से ज्यादा लोगों पर पुलिस ने कार्रवाई की है। धारा 185 के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वाहन चालकों का प्रकरण बनाकर माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां न्यायालय द्वारा 10 हजार रूपए का जुर्माना किया गया।
पुलिस का मानना है कि शराब पीकर वाहन चलाने से दुर्घटनाओं की गुंजाईश ज्यादा रहती है। यही कारण है कि पुलिस द्वारा ऐसे लोगों पर धारा 185 के तहत कार्रवाई की जाती है, जो शराब के नशे में धुत होकर गाड़ी ड्राइव करते हैं। पुलिस द्वारा ब्रीथ एनलाइजर से जांच की जाती है और अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन किए जाने पर प्रकरण पंजीबद्ध किया जाता है। इसके बाद न्यायालय से जुर्माना होता है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने कहा जब से धारा 185 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है तब से सडक़ दुर्घटनाओं में कमी आई है। पिछले साल एक जनवरी से 30 मई 2025 तक जहां 146 लोगों की दुर्घटनाओं में मौते हुई थी, तो वहीं इस साल अभी तक यह आंकड़ा 136 के आसपास है। एसपी ने बताया कि दुर्घटनाओं में करीब 6 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि इसके पहले इस धारा के तहत केवल 20 लोगों पर कार्रवाई हुई थी।
मोबाइल पर बात करते मिले 312
यातायात पुलिस द्वारा 1 जनवरी से 30 मई तक वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने 312 वाहन चालकों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई करते हुए 1 लाख 56 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया गया है। इसी तरह यातायात पुलिस द्वारा निरंतर चेकिंग अभियान चलाकर हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवर स्पीडिंग, ट्रिपल सवारी, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, नो पार्किंग एवं सिग्नल जंप को लेकर भी कार्रवाई की जा रही है।
तीसरी आंख से रखी जा रही नजर
शहर के प्रमुख चौराहों एवं मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर निरंतर निगरानी रखे हुए हैं। वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करने वाले, सिग्नल जंप करने वाले, बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले, ट्रिपल सवारी करने वालों की गतिविधियां कैमरों में रिकॉर्ड हो रही हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन चालकों की पहचान कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इसलिए यह समझना गलत होगा कि यदि मौके पर पुलिसकर्मी दिखाई नहीं दे रहा है तो नियम उल्लंघन दर्ज नहीं होगा। यातायात पुलिस की तीसरी आंख हर समय सक्रिय है।
दुर्घटनाओं में कमी लाना मकसद : एसपी
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने कहा कि सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में धारा 185 के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का मकसद दुर्घटनाओं में कमी लाना है। लोगों को जागरूक करने के साथ ही समय-समय पर इस तरह की कार्रवाई भी की जाती है, जिससे लोग शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाएं। कार्रवाई के बाद दुर्घटनाओं में कमी आई है।
वाहन चलाते समय नहीं करें मोबाइल का उपयोग
यातायात थाना प्रभारी अनूप सिंह ठाकुर ने कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग चालक की एकाग्रता को भंग कर देता है। चालक का ध्यान कुछ क्षण के लिए भी सडक़ से हटने पर दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। यही कारण है कि मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करना दंडनीय अपराध है।







