वक्त है बदलाव का या अभी वक्त है ठहराव का : शहर में तेज हुई दवा विक्रेता संघ के चुनाव की सरगर्मी, 22 जून को होंगे चुनाव, चन्दूलाल जादवानी और दिलीप असरानी आमने सामने
कटनी, यशभारत। शहर में दवा विक्रेता संघ के चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। करीब 13 साल बाद होने जा रहे चुनाव को लेकर दवा विक्रेताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। अध्यक्ष सहित 9 पदों एवं 5 कार्यकारिणी सदस्य के लिए 22 जून को होने जा रहे चुनाव को लेकर प्रत्याशियों केनामों का एलान हो चुका है। इस बार चुनाव में दो पैनल भाग्य आजमाने जा रही हैं। वर्तमान अध्यक्ष चंदूलाल जादवानी दवा विक्रेताओं की समर्पित पैनल के बैनर तले और दिलीप असरानी आपका अपना पैनल की अगुवाई में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में आमने-सामने हैं। दोनों ही उम्मीदवार अपनी-अपनी पूरी पैनल के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हैं। खास बात यह है कि चंदूलाल जादवानी अपनी पैनल के 14 उम्मीदवारों के साथ चुनाव मैदान में हैं तो वहीं दूसरी तरफ अध्यक्ष पद के दूसरे उम्मीदवार दिलीप असरानी 14 में से 12 ही पदों पर अपनी उम्मीदवार जुटाने में सफल हो पाए हैं, जिससे चंदूलाल जादवानी पैनल के 2 कार्यकारिणी सदस्यों के निर्विरोध चुनाव जीतने की संभावना है। इसके अलावा चंदूलाल जादवानी की पैनल में सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व देखने को मिल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ अध्यक्ष के दूसरे उम्मीदवार दिलीप असरानी के पैनल में एक ही वर्ग समाज के लोगों की संख्या अधिक है। इसको लेकर भी कहीं ना कहीं दिलीप असरानी के पैनल पर सवाल उठ रहे हैं। दवा विक्रेता संघ के चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही चुनाव को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए चुनाव अधिकारियों के नामों की भी घोषणा की गई है। जानकारी के मुताबिक दवा विक्रेता पंकज शर्मा को मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है और उनके सहयोग के लिए सह चुनाव अधिकारी के रूप में हरीश नागवानी एवं दीपक सीरवानी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। 22 जून को होने जा रहे दवा विक्रेता संघ के चुनाव में शहर एवं समूचे जिले से 550 मतदाता मतदान में हिस्सा लेंगे।
13 सालों से नहीं हुए चुनाव
वर्तमान अध्यक्ष चंदूलाल जादवानी पिछले 13 सालों से दवा विक्रेता संघ की बागडोर संभाल रहे हैं। स्वाभाविक है इतना लंबा कार्यकाल होने के बाद अध्यक्ष पर आरोप लगना स्वाभाविक है, लेकिन जिस तरह के आरोप सामने आए हैं, उनमें कितनी सच्चाई है, यह तो आरोप लगाने वाले स्वयं ही जानते हैं लेकिन एक बात अवश्य दवा विक्रेता कह रहे हैं कि इनके कार्यकाल में व्यवसाय संचालित करने में कोई परेशानी नहीं आई। यह बात इनके पक्ष में जा सकती है। नियमों की बात करें तो वैसे हर 3 साल में किसी भी संगठन, संस्था या संस्थान के चुनाव होना चाहिए। यदि दवा विक्रेता संघ में 3 साल में चुनाव नहीं हुए हैं तो इसमें सम्मिलित पदाधिकारी एवं सदस्यों को ऐतराज जताना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि जो लोग आज आरोप लगा रहे हैं, वो पिछले 13 सालों से कार्यकारिणी में कई पदों पर थे। चन्दूलाल जादवानी की कार्यकारिणी में जो पदाधिकारी शामिल थे, उसमे वर्तमान में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार दिलीप असरानी वरिष्ठ उपाध्यक्ष, गुलाब आहूजा संगठन सचिव, राजू केसवानी कनिष्ठ उपाध्यक्ष एवं मोहन कलवानी कोषाध्यक्ष के पद पर थे। यदि अध्यक्ष द्वारा किसी तरह की कोई गड़बड़ी या चुनाव नहीं कराए जाने को लेकर दबाव बनाया जा रहा था तो पूरी की पूरी कार्यकारिणी संघ से अलग होकर चुनाव तारीखों के ऐलान के लिए बैठक का आयोजन कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
दोनों पैनलों के अपने अपने नारे
13 सालों से अध्यक्ष पद की बागडोर संभाल रहे चंदूलाल जादवानी को हटाने के लिए उनके विरोधी प्रत्याशियों द्वारा वक्त है बदलाव का…नारा दिया गया है, जबकि इसके उलट चंदूलाल जादवानी के पैनल के उम्मीदवारों द्वारा अभी वक्त है ठहराव का…नारा दिया जा रहा है। अब देखना यह है कि 22 जून को दवा विक्रेता संघ के चुनाव में ऊंठ किस करवट बैठेगा।कटनी, यशभारत। शहर में दवा विक्रेता संघ के चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। करीब 13 साल बाद होने जा रहे चुनाव को लेकर दवा विक्रेताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। अध्यक्ष सहित 9 पदों एवं 5 कार्यकारिणी सदस्य के लिए 22 जून को होने जा रहे चुनाव को लेकर प्रत्याशियों केनामों का एलान हो चुका है। इस बार चुनाव में दो पैनल भाग्य आजमाने जा रही हैं। वर्तमान अध्यक्ष चंदूलाल जादवानी दवा विक्रेताओं की समर्पित पैनल के बैनर तले और दिलीप असरानी आपका अपना पैनल की अगुवाई में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में आमने-सामने हैं। दोनों ही उम्मीदवार अपनी-अपनी पूरी पैनल के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हैं। खास बात यह है कि चंदूलाल जादवानी अपनी पैनल के 14 उम्मीदवारों के साथ चुनाव मैदान में हैं तो वहीं दूसरी तरफ अध्यक्ष पद के दूसरे उम्मीदवार दिलीप असरानी 14 में से 12 ही पदों पर अपनी उम्मीदवार जुटाने में सफल हो पाए हैं, जिससे चंदूलाल जादवानी पैनल के 2 कार्यकारिणी सदस्यों के निर्विरोध चुनाव जीतने की संभावना है। इसके अलावा चंदूलाल जादवानी की पैनल में सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व देखने को मिल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ अध्यक्ष के दूसरे उम्मीदवार दिलीप असरानी के पैनल में एक ही वर्ग समाज के लोगों की संख्या अधिक है। इसको लेकर भी कहीं ना कहीं दिलीप असरानी के पैनल पर सवाल उठ रहे हैं। दवा विक्रेता संघ के चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही चुनाव को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए चुनाव अधिकारियों के नामों की भी घोषणा की गई है। जानकारी के मुताबिक दवा विक्रेता पंकज शर्मा को मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है और उनके सहयोग के लिए सह चुनाव अधिकारी के रूप में हरीश नागवानी एवं दीपक सीरवानी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। 22 जून को होने जा रहे दवा विक्रेता संघ के चुनाव में शहर एवं समूचे जिले से 550 मतदाता मतदान में हिस्सा लेंगे।
13 सालों से नहीं हुए चुनाव
वर्तमान अध्यक्ष चंदूलाल जादवानी पिछले 13 सालों से दवा विक्रेता संघ की बागडोर संभाल रहे हैं। स्वाभाविक है इतना लंबा कार्यकाल होने के बाद अध्यक्ष पर आरोप लगना स्वाभाविक है, लेकिन जिस तरह के आरोप सामने आए हैं, उनमें कितनी सच्चाई है, यह तो आरोप लगाने वाले स्वयं ही जानते हैं लेकिन एक बात अवश्य दवा विक्रेता कह रहे हैं कि इनके कार्यकाल में व्यवसाय संचालित करने में कोई परेशानी नहीं आई। यह बात इनके पक्ष में जा सकती है। नियमों की बात करें तो वैसे हर 3 साल में किसी भी संगठन, संस्था या संस्थान के चुनाव होना चाहिए। यदि दवा विक्रेता संघ में 3 साल में चुनाव नहीं हुए हैं तो इसमें सम्मिलित पदाधिकारी एवं सदस्यों को ऐतराज जताना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि जो लोग आज आरोप लगा रहे हैं, वो पिछले 13 सालों से कार्यकारिणी में कई पदों पर थे। चन्दूलाल जादवानी की कार्यकारिणी में जो पदाधिकारी शामिल थे, उसमे वर्तमान में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार दिलीप असरानी वरिष्ठ उपाध्यक्ष, गुलाब आहूजा संगठन सचिव, राजू केसवानी कनिष्ठ उपाध्यक्ष एवं मोहन कलवानी कोषाध्यक्ष के पद पर थे। यदि अध्यक्ष द्वारा किसी तरह की कोई गड़बड़ी या चुनाव नहीं कराए जाने को लेकर दबाव बनाया जा रहा था तो पूरी की पूरी कार्यकारिणी संघ से अलग होकर चुनाव तारीखों के ऐलान के लिए बैठक का आयोजन कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
दोनों पैनलों के अपने अपने नारे
13 सालों से अध्यक्ष पद की बागडोर संभाल रहे चंदूलाल जादवानी को हटाने के लिए उनके विरोधी प्रत्याशियों द्वारा वक्त है बदलाव का…नारा दिया गया है, जबकि इसके उलट चंदूलाल जादवानी के पैनल के उम्मीदवारों द्वारा अभी वक्त है ठहराव का…नारा दिया जा रहा है। अब देखना यह है कि 22 जून को दवा विक्रेता संघ के चुनाव में ऊंठ किस करवट बैठेगा।








