मध्य प्रदेशराज्य

लोन पर ली कार जब्त होने से क्षुब्ध व्यक्ति ने फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में खुद को लगाई आग : इलाज के दौरान मौत

सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ सागर के मकरोनिया स्थित एक निजी फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने वाले नीलेश जैन की भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। मृतक अपनी जब्त की गई कार को वापस लेने के लिए फाइनेंस कंपनी के चक्कर काट रहा था, जहां कथित तौर पर सुनवाई न होने और प्रताड़ना से तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया था।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सागर जिले के राहतगढ़ स्थित शनीचरी वार्ड निवासी पीड़ित नीलेश पिता चेन कुमार जैन ने महिंद्रा फाइनेंस कंपनी से लोन (कर्ज) लेकर एक कार खरीदी थी। पीड़ित का आरोप था कि उसने कार की लोन किश्तें बैंक खाते के माध्यम से समय पर जमा कर दी थीं। इसके बावजूद, फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों ने जबरन उसकी कार को जब्त कर लिया था। पीड़ित पिछले कई दिनों से अपनी कार वापस पाने के लिए मकरोनिया स्थित महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के दफ्तर के चक्कर काट रहा था, लेकिन वहां मौजूद स्टाफ और अधिकारियों द्वारा उसकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही थी।

दफ्तर के भीतर पेट्रोल डालकर खुद को किया आग के हवाले

लगातार मिल रही प्रताड़ना और आर्थिक व मानसिक परेशानी से तंग आकर पीड़ित बीते दिनों सीधे मकरोनिया स्थित फाइनेंस कंपनी के दफ्तर पहुंचा। वहां उसने अधिकारियों के सामने ही खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया और माचिस जलाकर आग लगा ली। देखते ही देखते वह आग की लपटों से घिर गया और दफ्तर में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद लोगों ने जैसे-तैसे आग बुझाई और उसे गंभीर हालत में तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया।

भोपाल रेफर होने के बाद थमीं सांसें

शुरुआती इलाज के दौरान डॉक्टर ने पीड़ित की गंभीर स्थिति और अत्यधिक झुलस जाने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए तत्काल भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया था। भोपाल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए आखिरकार इलाज के दौरान पीड़ित ने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक मौत के बाद मृतक के परिजनों में गहरा आक्रोश है।

घटना के बाद स्थानीय मकरोनिया थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों, स्टाफ और घटना के समय मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। यदि जांच में कंपनी या उसके कर्मचारियों द्वारा प्रताड़ित किए जाने के साक्ष्य मिलते हैं, तो दोषियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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