लोकायुक्त ने 15 हजार रिश्वत लेते एसडीएम के बाबू को रंगे हाथों किया ट्रैप : आदेश की काॅपी देने मांगी थी रिश्वत

शहडोल। जिले के ब्यौहारी स्थित तहसील कार्यालय में रीवा लोकायुक्त टीम ने अचानक दबिश दी और वहां पदस्थ एक बाबू को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। मिली जानकारी अनुसार, उक्त आरोपी ने आदेश की कॉपी देने के नाम पर 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। जिसकी शिकायत लोकायुक्त रीवा की गई, जिसके बाद टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। गौरतलब है कि, बीते दो माह के अंदर लोकायुक्त की यह तीसरी कार्रवाई है। इस कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक गालियारे में हलचल मच गई है
बताया गया है कि, ग्राम निपानिया निवासी सुरेश कुमार जायसवाल (45 वर्ष) ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि, पत्नी अंकिता जायसवाल के नाम ग्राम पपौंध में भूमि क्रय की है। उक्त भूमि से जुड़े विवाद के मामले में उनकी पत्नी ने एसडीएम कार्यालय में अपील प्रस्तुत की थी। जब सुरेश ने फैसला आदेश प्रति मांगी। तो वहां पदस्थ क्लर्क वीर सिंह जाटव (40 वर्ष), निवासी मुरैना एवं हाल मुकाम सिविल कॉलोनी, ब्यौहारी ने उससे 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांगी। उक्त शिकायत सत्यापन बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से बुधवार की दोपहर कार्रवाई की।
इस दौरान टीम ने आरोपी को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एसडीएम कार्यालय में ट्रैप किया। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त रीवा के निर्देशन में निरीक्षक एस राम मरावी एवं उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम ने की। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 (क) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त ने आम नागरिकों से अपील की है कि, यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है। तो इसकी शिकायत तत्काल करें। ताकि, ऐसे भ्रष्ट तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।







