रीवा । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को नई गति देते हुए रीवा इंजीनियरिंग महाविद्यालय के छात्रों ने उंची उड़ान भरी है। छात्रों ने एक डिजिटली स्मार्ट मशीन बनाई है. इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग के छात्रों ने साधारण सी दिखाई देने वाली व्हील चेयर को एक स्मार्ट व्हील चेयर में तब्दील किया है. इस व्हील चेयर में बैठा व्यक्ति जॉय स्टीक की मदद से खुद को 360 डिग्री तक मूवमेंट कर सकेगा. बल्कि खुद को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में भी सक्षम होगा. यह स्मार्ट व्हील चेयर बीपी स्टूमेंट, इमरजेंसी अलार्म और GPS सिस्टम सहित अन्य कई सुविधाओं से लैस है.इस स्मार्ट व्हील चेयर को बनाने में इंजीनियरिंग महाविद्यालय के छात्रों को कड़ी मेहनत करनी पड़ी. लेकिन 7 महीने की रिसर्च के बाद आखिरकार छात्रों की मेहनत रंग लाई और उन्होंने स्मार्ट व्हील चेयर को बनाने में सफलता हासिल कर ली. बताया गया कि, इस अत्याधुनिक स्मार्ट व्हील चेयर को बनाने में तकरीबन 50 से 60 हजार रुपए की लागत आई है. इस व्हील चेयर को खासतौर पर दिव्यांग और घर पर अकेले रह रहे बुजुर्गो के लिए तैयार किया गया है.
साधारण सी दिखाई देने वाली स्मार्ट व्हील चेयर बनाने के लिए छात्रों ने इसमें इलेक्ट्रिक डिवाइस के साथ कई मेडिकल मेजरिंग डिवाइस भी स्थापित किए हैं. जिसके चलते यह स्मार्ट व्हील चेयर बेहद अत्याधुनिक है. इस व्हील चेयर को 360 डिग्री मूवमेंट के लिए और एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए एक कंट्रोल यूनिट सिस्टम लगाया गया है. जिसमें कई तरह से सेन्सर्स का इस्तेमाल भी किया गया है. ड्राइविंग के लिए गेयर मोटर लगाया गया है. मोटर फंक्शन, स्पीड को ज्यादा करके टॉर्क को बढ़ाने मे मदद करेगा. जबकि स्मार्ट व्हील चेयर को कंट्रोल करने के लिए एक जॉय स्टिक स्विच भी लगाई गई है.
छात्रों ने बताया कि, इस स्मार्ट व्हील चेयर का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के लिए खास सुविधाओं का ध्यान रखा गया है. स्मार्ट व्हील चेयर में हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाया गया है. इसके लिए SPO2 सेन्सर का इस्तेमाल गया है. हार्ट बीट मेजरमेंट, ऑक्सीजन लेवल और ह्यूमैनिटी सिस्टम के साथ बॉडी टेंपरेचर सिस्टम को मेजरमेंट करने के लिए भी सेंसर लगाऐ गए हैं. साथ ही बल्डप्रेशर मेजरिंग डिवाइस भी लगाई गई है. इस स्मार्ट व्हील चेयर मे यूरीन डिस्चार्ज सिस्टम भी लगा हुआ है इसमें दो टैंक लगाए गए है. एक फ्रेस वॉटर का टैंक है और एक यूरीन कलेक्ट टैंक है इसमें एक वॉटर पम्प भी है. एक टैंक यूरीन कलेक्ट करेगा और दूसरे टैंक में फ्रेस वॉटर होगा. फ्रेस वॉटर और पम्प के जरिए यूरीन डिस्चार्च होगा।
बताया गया कि, इस खास स्मार्ट व्हील चेयर के मेडिकल मेजरमेंट को मापने के लिए इसमें लगे खास डिवाइस को इंटरनेट के वेब पेज से कनेक्ट किया गया है. आईपी एड्रेस के जरिए वर्तमान में 6 अलग-अलग मोबाइल फोन से इस स्मार्ट व्हील चेयर को कनेक्ट किया गया है. जरुरत पड़ने पर इस व्हील चेयर में लगे डिवाइस को 6 से भी ज्यादा मोबाइल फोन से कनेक्ट किया जा सकता है. इसमें लगी डिवाइस से कनेक्ट वेव पेच को कहीं दूर मौजूद परिजन गूगल से पिन करके स्मार्ट व्हील चेयर में बैठे व्यक्ति का हेल्थ मेजरमेंट पता कर सकते हैं. जिसके चलते किसी भी अपात स्थिति में व्हील चेयर का इस्तेमाल कर रहे वक्त तक मदद पहुंचाई जा सकती है.इंजीनियरिंग कॉलेज में अध्ययनरत फाइनल ईयर के छात्र सुभम त्रिपाठी ने बताया कि, ”यह स्मार्ट व्हील चेयर GPS सिस्टम से भी लैस है. जिसके मूवमेंट पर हर पल दूर बैठकर भी नजर रखी जा सकती है. इसमें एक इमरजेंसी अलार्म बटन भी लगाई गई है. व्हील चेयर का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति इस बटन को दबाकर डिवाइस से कनेक्ट सभी 6 मोबाइल फोन पर इमरजेंसी में अलर्ट कर सकता है जिससे उसे तत्काल मदद भी मिल सकेगी. वहीं यह स्मार्ट व्हील चेयर एक बार चार्ज करने पर लगभग 30 से 40 किलोमीटर तक का रन करेंगी।
इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग की फाइनल ईयर की छात्रा आस्था गौतम ने बताया कि, “दिव्यांगजनों को ध्यान में रखकर इस स्मार्ट व्हील चेयर को बनाया गया है. आस्था ने बताया कि, उनके घर के पास एक बुजुर्ग दिव्यांग महिला रहती है और उनके पास एक साधारण सी व्हील चेयर है. उनके घर पर भी इतने सदस्य नहीं है जो कि हर वक्त उनके साथ रह सकें. वहीं से हमें यह आईडिया आया इसके बाद अन्य छात्रों के साथ मिलकर रिसर्च करनी शुरू की और 7 महीने की कड़ी मेहनत के बाद हमने स्मार्ट व्हील चेयर को बनाने में सफलता हासिल की.’इंजीनियरिंग महाविद्यालय के प्रिंसिपल आरपी तिवारी ने बताया कि, “इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग के बच्चों का लगातार नवाचार रहा है. वर्तमान का समय मल्टी रिसर्च का समय हो गया हैl इंजीनियरिंग में मेडिकल का रिसर्च आ रहा है और मेडिकल में इंजीनियरिंग का रिसर्च आ रहा है. आज की आवश्यकता के अनुसार टेक्नोलॉजी के इस दौर में हम न्यूक्लियर फैमिली की तरफ बढ़ रहे हैं. वहीं आजकल घर में बुजुर्गों की देखरेख के लिए व्यक्तियों का रहना आवश्यक है. बुजुर्ग खुद सेल्फ डिपेंड रह सकें. इसके लिए इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग के छात्रों ने दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए एक स्मार्ट व्हील चेयर को बनाने में सफलता हासिल की है।
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