भोपाल में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया भगवान चित्रगुप्त जी का प्रकटोत्सव
The birth anniversary of Lord Chitragupta was celebrated with great devotion and enthusiasm in Bhopal.

भोपाल में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया भगवान चित्रगुप्त जी का प्रकटोत्सव
भोपाल यश भारत । वैशाख शुक्ल गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर राजधानी भोपाल में चित्रांश समाज के आराध्यदेव भगवान चित्रगुप्त जी का प्रकटोत्सव श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। यह आयोजन अखिल भारतीय कायस्थ महासभा एवं समस्त कायस्थ संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। प्रातःकाल से ही श्रद्धालु अपने-अपने घरों में पूजा अर्चना करने के बाद बढ़नेवरी, होशंगाबाद रोड, 1100 क्वार्टर्स, कोटरा, भेल, भवानी धाम, कमाली मंदिर और प्रोफेसर कॉलोनी सहित विभिन्न क्षेत्रों से निकलकर जवाहर चौक स्थित चित्रगुप्त मंदिर पहुंचे। यहां सामूहिक हवन, कलम-दवात पूजन और आरती के साथ भक्तिमय वातावरण का निर्माण हुआ। इसके बाद भव्य मंच से मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने शोभायात्रा को ध्वज दिखाकर रवाना किया। शोभायात्रा में घोड़े-बग्गी, आकर्षक बैंड-बाजे, उज्जैन का डमरू दल, भजन-कीर्तन मंडलियां और आतिशबाजी ने माहौल को उल्लासमय बना दिया।यात्रा मार्ग पर चित्रांश समाज के महापुरुषों एवं पर्यावरण संरक्षण पर आधारित प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। इस दौरान भोपाल के 22 कायस्थ संगठनों के पदाधिकारी, महिलाएं, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए और नृत्य-गीत के साथ उत्सव का आनंद लिया। इस अवसर पर मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त केवल चित्रांश समाज ही नहीं, बल्कि समस्त मानव जाति के कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले आराध्य हैं और सभी को धर्म व विवेक के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम में भजन-कीर्तन और संगीत की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। अंत में रवि खरे एंड पार्टी द्वारा प्रस्तुत भजनों ने समा बांध दिया, जिसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। विशेष लाइटिंग, साउंड और सांस्कृतिक व्यवस्थाओं के कारण इस वर्ष का आयोजन और भी भव्य एवं यादगार रहा। यह प्रकटोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज को एकजुट करने का सशक्त माध्यम भी बना।







