बड़ी खबर : बाढ़ में फांसी गर्भवती महिला की दर्दनाक मौत : शव को उफनाती नदी से निकालने में भी करना पड़ा संघर्ष, 2 घंटे तक फसा रहा वाहन
रीवा lजिले के तहसील जवा के बरहटा गांव में शासन प्रशासन की व्यवस्थाओं को शर्मसार करने वाला एक ऐसा भयावह घटनाक्रम सामने आया है जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाए l यहां भारी बारिश के कारण एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। उफनती नदी पार करते समय महिला का वाहन फंस गया और 2घंटे तक फंसे रहने के बाद उसकी तड़प कर मौत हो गई। विकास के कोरे दावों के बीच शासन प्रशासन की तमाम व्यवस्थाओं
जवा तहसील में इन दिनों भीषण बारिश ने तबाही मचाकर रखी है। भनिगंवा क्षेत्र में तो हालात यह है कि यहां सभी नदियां और नाले उफान पर है। ऐसे में अब रीवा के लिए यह बारिश जानलेवा हो चुकी है। ऐसा ही मामला रीवा जिले से सामने आया है। जहां नदी का उफान के कारण एक महिला घंटों तक वाहन में फंस गई, और बिना उपचार आखिर में तड़प-तड़पकर उसकी मौत हो गई।
बाढ़ इतनी कि लोग अस्पताल तक नहीं जा पा रहे
दरअसल यहां के जवा तहसील के भनिगंवा गांव की रहने वाली प्रिया रानी कोल जो कि सोनू कोल की पत्नी थी। उसकी प्रेगनेंसी के दौरान अचानक तबियत बिगड़ गई। परिजन उसे जवा अस्पताल लेकर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में महना नदी का उफान तेज था। इसलिए सभी लोग नदी के एक तरफ ही अटके रहे। इसी दौरान करीब एक दो घंटे तक प्रियारानी कोल तड़पती व परेशान होती रही और वही तड़पती रही। हालांकि इस दौरान गांव के ही डाक्टर (झोलाछाप) को बुलाकर लाया गया और महिला को दिखाया गया, डाक्टर ने महिला को देखा और मृत बताया तभी परिवार वालों ने किसी तरह प्रिया रानी को मायके से ससुराल ले जाया गया। वहीं मायके से ससुराल जाने में 40 किलों मीटर का सफर तय करना पड़ा। वहीं दुर्भाग्य देखिए मायके से ससुराल तक पहुंचने के लिए भी प्रियारानी के शव को संघर्ष करना पड़ा।
प्रियारानी के जेठ का कहना है कि प्रियारानी के पहले से एक बेटा है। वह करीब 8,9 महीने की गर्भवती थी। बाढ़ के चलते अस्पताल पहुंचने में काफी दिक्कतें आई और ज्यादा तबीयत खराब होने से प्रियारानी की मौत हो गई। ससुर ने बताया कि बाढ़ के चलते उफान आने के कारण परिवार करीब 40 किलोमीटर का चक्कर काटकर महिला के शव को मायके से ससुराल लेकर आया और ससुराल में भी रोड़ न होने के कारण वह मायके चली गई थी, की मायके में सुरक्षित डिलीवरी हो जाएं। परंतु दुर्भाग्य देखिए कि अंतिम संस्कार ससुराल में भी रोड़ न होने के कारण शव को बड़ी मुश्किल से ससुराल ले जाकर उसका अंतिम संस्कार किया गया।







