बड़ी खबर: कैमहा बांध टूटने से मझगवां में मची तबाही, पहली बार बाढ़ की चपेट में आई बस्ती

मझगवां /सतना यश भारत। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बीच कैमहा बांध के टूटने से मझगवां ग्राम पंचायत में हालात बिगड़ गए। ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत के इतिहास में पहली बार इतनी भीषण बाढ़ का सामना करना पड़ा। अचानक बड़ी मात्रा में पानी बस्तियों की ओर पहुंचा, जिससे कई इलाकों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण कैमहा बांध ओवरफ्लो हो गया था और बांध के ऊपर से पानी बह रहा था। इसी दौरान हजारा बांध की ओर से आने वाले पानी तथा आसपास के जंगलों से बहकर पहुंच रहे पानी का दबाव भी बढ़ता गया। पुराना बांध पानी के इस बढ़ते दबाव को सहन नहीं कर सका और उसके दक्षिणी हिस्से में करीब 30 फीट से अधिक चौड़ा हिस्सा टूट गया।
बांध का हिस्सा टूटते ही बड़ी मात्रा में पानी तेजी से आगे बढ़ा। अचानक बढ़े जलप्रवाह को निकलने के लिए पर्याप्त रास्ता नहीं मिल सका और पानी रहवासी क्षेत्रों में प्रवेश कर गया। देखते ही देखते बस्तियों में पानी भर गया और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बांध से अब भी जारी है पानी का बहाव
ग्रामीणों के अनुसार बांध टूटने के बाद भी वहां से पानी लगातार बह रहा है। हालांकि बांध का बड़ा हिस्सा टूट जाने के कारण जलभराव का दबाव कम हुआ है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अब यदि दोबारा तेज बारिश होती भी है तो मझगवां में पहले जैसी बाढ़ की स्थिति बनने की संभावना कम है।
मौके तक पहुंचना भी चुनौती
कैमहा बांध की स्थिति देखने के लिए मौके तक पहुंचना आसान नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार रास्ते की स्थिति खराब होने और जलभराव के कारण वहां पहुंचने में काफी दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि घटना के बाद अभी तक संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बांध की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण नहीं किया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से बांध का तकनीकी निरीक्षण कराने, टूटे हिस्से की स्थिति का आकलन करने और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।







