मध्य प्रदेशराज्य

फर्जी मार्कशीट : नहीं मिला रहा न्याय, क्या है आखिर मार्कशीट का राज?

यशभारत , डिंडोरी ।डिंडोरी अजब है गजब है यहां प्रतिदिन कोई ना कोई कारनामे सामने आते हैं जिसके जानकारी लगने के बाद स्थानीय लोगों के कान खड़े हो जाते हैं, ऐसा ही एक मामला आया है फर्जी मार्कशीट का। जहां एक अभ्यार्थी ने फर्जी मार्कशीट के आधार पर पिछले तीन साल से नौकरी करने का आरोप लगाया है। मामला जिले के बजाग विकासखंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की भर्ती प्रक्रिया में फर्जी मार्कशीट का उपयोग कर नौकरी करने का मामला संज्ञान में आया है। जिसके बाद से प्रशासनिक गलियारों में हलचल है। हालांकि इस पूरे मामले को जिला प्रशासन ठंडे बस्ते में डाले हुए हैं। बता दें कि आवेदिका अनामिका साहू द्वारा पिछले तीन साल से जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के चक्कर लगा रही है और बताती है कि एकीकृत बाल विकास परियोजना बजाग में वर्ष 2023 में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बरगांव ऊपरटोला में भर्ती प्रक्रिया में उसकी नियुक्ति एकीकृत बाल विकास परियोजना बजाग के जनपद स्तर पर हुई थी जिसके बाद अनावेदक प्रियंका परस्ते द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग जिला स्तर पर अपील की गई और जिला समिति ने प्रियंका परस्ते को चयनित करते हुए नियुक्ति पत्र दे दिया और वह आज तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर कार्यरत हैं।
आवेदक ने प्रियंका परस्ते पर आरोप लगाया है कि फर्जी मार्कशीट के आधार पर वह शासन प्रशासन को झांसे में रखकर नौकरी पाई है जिसकी जांच जनपद पंचायत बजाग में तीन सदस्यीय टीम गठित कर शिक्षा विभाग ने किया है। अनावेदक पर आरोप लगाया है कि जिस राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान नोएडा की मार्कशीट का उपयोग कर नियुक्ति मिली है, उस मार्कशीट का डाटाबेस उस संस्थान में उपलब्ध नहीं है और संस्थान ने विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बजाग को पत्र लिखकर इस बात की पुष्टि की है, जिससे वह मार्कशीट फर्जी प्रतीत हो रही है। जिसकी शिकायत लेकर जिला कलेक्टर में पिछले तीन साल के आ रहे हैं जबकि अभी तक फर्जी मार्कशीट से नौकरी करने वाली प्रियंका पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है।

आवेदिका अनामिका साहू ने जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला समिति के चयन पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा किया है उनके द्वारा मार्कशीट की जांच किए बिना ही नियुक्ति कर दी गई है जबकि वो आज भी इस मामले में सिर्फ चक्कर लगा रही है और जिला प्रशासन से न्याय नहीं मिल पा रहा है। आवेदिका अनामिका साहू ने जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन देते हुए फर्जी मार्कशीट पर नौकरी पाने वाली अनावेदक प्रियंका परस्ते पर नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही की मांग करते हुए, योग्य अभ्यार्थी को नियुक्ति करने की मांग की है।

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