गंभीर मरीजों को राहत, एम्स भोपाल में एक साथ पांच ट्रांसप्लांट की तैयारी

गंभीर मरीजों को राहत एम्स भोपाल में एक साथ पांच ट्रांसप्लांट की तैयारी
भोपाल यश भारत । राजधानी के एम्स में ट्रांसप्लांट की अत्याधुनिक सुविधा तैयार हो गई है जहां एक साथ पांच ट्रांसप्लांट किए जा सकेंगे और प्रदेश का पहला लंग्स ट्रांसप्लांट भी यहीं होगा। अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक यह यूनिट शुरू हो सकती है। इसके बाद गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एम्स भोपाल में ट्रामा यूनिट के ऊपर पूरे फ्लोर पर यह हाईटेक ट्रांसप्लांट यूनिट बनाई गई है। यहां लंग्स, हार्ट, किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट एक ही जगह किए जाए इसके लिए सर्जिकल टीम, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, कार्डियोथोरेसिक सर्जन, पल्मोनोलॉजिस्ट और क्रिटिकल केयर यूनिट की टीम तैयार की गई है। यूनिट में हार्ट लंग्स मशीन, आईएबीपी और एक्मो मशीन जैसी उन्नत तकनीक लगाई जा रही है। हार्ट लंग्स मशीन आर्टिफिशियल हार्ट और के दौरान मरीज के अंगों को स्थिर रखा जा सके। हाल ही में स्टेट ऑर्गन एक्मो मशीन आर्टिफिशियल लंग्स की तरह काम करती है जिससे ट्रांसप्लांट एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन की टीम ने निरीक्षण कर यहां की मशीनों, ऑपरेशन थिएटर और विशेषज्ञों की टीम का मूल्यांकन किया है। लंग्स ट्रांसप्लांट जटिल सर्जरी है जिसमें खराब फेफड़ों को हटाकर डोनर के स्वस्थ फेफड़े लगाए जाते हैं। यह प्रक्रिया एंड स्टेज लंग डिजीज, पल्मोनरी फाइब्रोसिस, सीओपीडी और गंभीर संक्रमण वाले मरीजों के लिए की जाती है जब अन्य उपचार पड़ेगा, खर्च और इंतजार घटेगा अब तक लंग्स ट्रांसप्लाट के लिए मरीजों काम नहीं करते। बाहर नहीं जाना को चेन्नई, दिल्ली या हैदराबाद जाना पड़ता था। लंबी दूरी, ज्यादा खर्च और इंतजार बड़ी समस्या थी। एम्स में सुविधा शुरू होने के बाद प्रदेश और आसपास के राज्यों के मरीजों को यहीं इलाज मिल सकेगा। स्वास्थ्य की दिशा में इस पहल को आम जनता के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है






