रांझी के ‘ब्लाइंड मर्डर’ का खुलासा; जमीन विवाद में हुई थी हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार

जबलपुर: थाना रांझी क्षेत्र के बड़ा पत्थर इलाके में हुई सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। महज 48 घंटे के भीतर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन मुख्य आरोपी अभी फरार हैं। यह पूरी वारदात रायपुर की 15 एकड़ बेशकीमती जमीन के विवाद को लेकर अंजाम दी गई थी।
क्या था मामला?
दिनांक 23 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 8:30 बजे, क्लीरेंस एटकिंस (39 वर्ष) अपने 5 वर्षीय बेटे को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे थे। तभी अशोक मेडिकल (बड़ा पत्थर) के पास बाइक सवार बदमाशों ने उनके सिर पर गोली मार दी। दोपहर में इलाज के दौरान क्लीरेंस की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जमीन का विवाद बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि रायपुर के पास स्थित 15 एकड़ कृषि भूमि को लेकर मृतक क्लीरेंस और ओमती निवासी विकास उर्फ बाबा नेल्सन के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।
भूमि स्वामी ने बाबा नेल्सन की सहमति से जमीन किसी और के नाम कर दी थी।
इस पर क्लीरेंस ने कोर्ट से स्टे (Stay) ले लिया था।
बाबा नेल्सन चाहता था कि क्लीरेंस केस वापस ले ले, लेकिन बात न बनने पर हत्या की साजिश रची गई।
साजिश और गिरफ्तारी
योजना के अनुसार, बाबा नेल्सन के बेटे प्रिंस ने अपने साथियों के साथ मिलकर रैकी की। 23 अप्रैल की सुबह मोहित ठाकुर और अरुण रैकवार ने क्लीरेंस के घर से निकलने का सिग्नल दिया, जिसके बाद प्रिंस और अर्पित ने पीछा कर गोली मार दी।
पुलिस की गिरफ्त में:
मोहित ठाकुर (20 वर्ष), निवासी केंट।
तेजबल उर्फ अरुण रैकवार (20 वर्ष), निवासी मढ़ोताल (मूल निवासी नरसिंहपुर)।
फरार आरोपी: प्रिंस नेल्सन, अर्पित कुशवाहा और मुख्य साजिशकर्ता बाबा नेल्सन।
पुलिस की बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल दो बिना नंबर की मोटरसाइकिलें (हार्ले डेविडसन और सीडी 100) और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं।







