विवादित सर्वयेर को शहपुरा का बनाया औचक निरीक्षक

जबलपुर, यश भारत। गेहूं उपार्जन को लेकर जिस कंपनी को गुणवत्ता नियंत्रण और निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है उसके रोज नए-नए करना में सामने आ रहे हैं एक तरफ तो जहां लोकल लेवल पर सर्वेयर नियुक्त करे गए हैं वहीं दूसरी तरफ विवादित सर्वयेर को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। शाहपुरा में हर्षित सिंह ठाकुर को पूरी तहसील की जिम्मेदारी सोपी गई है उसका विवादों से पुराना नाता रहा है। 2025 में हर्षित सिंह ठाकुर का एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें वह दूसरे व्यक्ति के साथ घटिया धान के सेटलमेंट को लेकर पैसों के लेनदेन की बात कर रहा था।
कंपनी की दोहरी नीति
जनवरी 2025 में जब ऑडियो सामने आया था उसे दौरान हर्ष शाहपुरा क्षेत्र के हर्षित वेयरहाउस में बतौर सरवर नियुक्त किया गया था जिसमें हर्षित शुभम पटेल नामक व्यक्ति से पैसों के लेनदेन की बात कर रहा था और बता रहा था कि अरिहंत वेयरहाउस उनके करीबियों का है वहां कोई भी कार्यवाही ही होनी चाहिए। इस पूरे मामले में शुभम पटेल जो की बिबादित नाम रहा है उस का पूर्व में आर बी एसोसिएट्स के साथ जुड़ाव रहा है और यह ऑडियो सामने आने के बाद आर बी द्वारा उसे कोई भी काम नहीं दिया गया लेकिन वही हर्षित को इस बार सर्वेयर से प्रमोट करते हुए पूरे तहसील की ही जिम्मेदारी सौंप दी गई
वसूली का है पूरा खेल
लोकल लेवल पर सरवर काम इसलिए करना चाहते हैं क्योंकि क्षेत्रीय होने के कारण उनके वेयरहाउस समिति और किसानों के साथ संबंध होते हैं ऐसे में वसूली करने में सुविधा होती है और क्षेत्रीयता का फायदा भी उन्हें मिलता है जिसके चलते सर्व प्रयास करते हैं कि उन्हें अपने ही क्षेत्र में काम मिल जाए लेकिन इस बात पर कंपनी को ध्यान देना चाहिए कि वह क्षेत्रीय गठजोड़ को सहयोग न करें लेकिन ऐसा होते नहीं दिख रहा है







