प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 : वाटरशेड विभाग की बड़ी उपलब्धि: जिले में 300 से अधिक खेत तालाब निर्माण

यशभारत , डिंडोरी । प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के वाटरशेड विकास घटक के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में स्वीकृत परियोजनाओं का असर अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। जिले में जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को लेकर किए जा रहे कार्यों के तहत वाटरशेड विभाग द्वारा बड़े स्तर पर जल संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 300 से अधिक खेत तालाबों का निर्माण किया जा चुका है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं को मजबूती मिलने लगी है।
जनपद पंचायत बजाग क्षेत्र इस अभियान में प्रमुख रूप से उभरकर सामने आया है, जहां एक सैकड़ा से अधिक खेत तालाब निर्माण कार्य किए गए हैं। इन संरचनाओं का उद्देश्य वर्षा जल का संग्रहण, भूजल स्तर में सुधार और किसानों को सिंचाई के लिए स्थानीय जल स्रोत उपलब्ध कराना है।
विभाग द्वारा विक्रमपुर, बरसोद, गिरवरपुर सहित दर्जनों ग्राम पंचायतों में खेत तालाब निर्माण के साथ अन्य जल संरचनाओं पर भी कार्य कराया गया है। इन परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण की दिशा में स्थायी व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार खेत तालाबों के निर्माण से किसानों को खरीफ के साथ रबी फसलों में भी सिंचाई सुविधा मिलने की संभावना बढ़ी है। इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ वर्षा पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। जल संरचनाओं के माध्यम से खेतों में नमी संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
वाटरशेड विभाग का कहना है कि योजना के अंतर्गत केवल निर्माण कार्य ही नहीं बल्कि जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों की सहभागिता और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन जल संरचनाओं का नियमित रखरखाव और उपयोग सुनिश्चित किया जाए तो आने वाले वर्षों में जल संकट से राहत और कृषि क्षेत्र को स्थायी लाभ मिल सकता है।







