मध्य प्रदेशराज्य

पेयजल संकट : आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम, थम गया डिंडोरी-शहडोल मार्ग, मंत्री ने ठेकेदार पर एफआईआर और ब्लैकलिस्ट करने के दिए निर्देश

यशभारत डिंडोरी । डिंडोरी मुख्यालय से लगा दैवरा गांव में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। परेशान ग्रामीणों ने डिंडोरी-शहडोल मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे कई घंटों तक आवागमन प्रभावित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि नल-जल योजना के तहत कार्य अधूरा और लापरवाहीपूर्ण तरीके से किया गया, जिसके कारण गांव के लोगों को आज भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को शिकायत देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया गया। भीषण गर्मी के बीच गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। महिलाएं और बच्चे दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं, जबकि शासन द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर चलाई जा रही नल-जल योजना धरातल पर फेल साबित हो रही है।

चक्काजाम के दौरान ग्रामीणों ने पीएचई विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि विभागीय उदासीनता और ठेकेदार की मनमानी का खामियाजा गांव के लोग भुगत रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

 

 

मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश देने का प्रयास किया। वहीं यह मामला प्रदेश की पीएचई मंत्री संपतिया उइके तक भी पहुंच गया। ग्रामीणों के विरोध और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने संबंधित नल-जल योजना के ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा उसे ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री के निर्देश के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई है।

 

 

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ कागजों में दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। गांव में पानी की समस्या लगातार बनी हुई है और लोग मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दैवरा गांव में जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था दुरुस्त की जाए, दोषियों पर कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। फिलहाल ग्रामीणों के आंदोलन के बाद प्रशासन हरकत में जरूर आया है, लेकिन गांव के लोगों को अब स्थायी समाधान का इंतजार है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button