हनीट्रैप की मास्टरमाइंड श्वेता जैन फिर गिरफ्तार

हनीट्रैप की मास्टरमाइंड श्वेता जैन फिर गिरफ्तार
इंदौर के शराब कारोबारी से 1 करोड़ की ब्लैकमेलिंग, इंटेलिजेंस का हेड कॉन्स्टेबल भी दबोचा
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित 2019 हनीट्रैप कांड की मुख्य सूत्रधार श्वेता विजय जैन को इंदौर क्राइम ब्रांच ने सोमवार देर रात भोपाल के मीनाल रेसीडेंसी स्थित उसके आवास से एक बार फिर हिरासत में ले लिया है। श्वेता पर आरोप है कि उसने अपने नए सिंडिकेट के साथ मिलकर इंदौर के बड़े शराब और प्रॉपर्टी व्यवसायी हितेंद्र सिंह उर्फ चिंटू ठाकुर को उसके निजी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 1 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए पुलिस विभाग की इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ एक हेड कॉन्स्टेबल समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया है।
साझेदारी से इनकार पर सुपर कॉरिडोर पर की थी मारपीट
इंदौर क्राइम ब्रांच डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, बाणगंगा क्षेत्र के शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह ने पुलिस कमिश्नर से लिखित शिकायत की थी। शिकायत के मुताबिक, कुछ साल पहले उसकी मुलाकात द्वारकापुरी निवासी अलका दीक्षित से हुई थी, जो खुद अवैध शराब तस्करी के मामलों में आरोपी है। अलका ने हितेंद्र की मुलाकात खंडवा-पीथमपुर निवासी लाखन चौधरी से कराई। लाखन ने खुद को बड़ा निवेशक बताकर धार, देवास और खंडवा में शराब कारोबार में हिस्सेदारी का प्रस्ताव दिया। हितेंद्र द्वारा इंकार करने पर करीब 20 दिन पहले सुपर कॉरिडोर पर अलका, उसके बेटे जयदीप दीक्षित और लाखन ने कारोबारी के साथ मारपीट भी की थी।
इंटेलेंस के हेड कॉन्स्टेबल के लैपटॉप से मिले निजी वीडियो
पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। पुलिस विभाग की इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को राजेंद्र नगर स्थित उसके सरकारी आवास से दबोचा गया है। पुलिस को विनोद और अलका के बीच की मोबाइल चैटिंग और कॉल रिकॉर्ड मिले हैं, जिससे साफ हुआ है कि कारोबारी को जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने का मास्टर प्लान विनोद ने ही तैयार किया था। पुलिस ने विनोद के घर से मोबाइल और लैपटॉप जब्त किया है, जिसमें पीड़ित कारोबारी के कई आपत्तिजनक और निजी वीडियो-फोटोग्राफ्स बरामद हुए हैं। विनोद इससे पहले क्राइम ब्रांच, चंदन नगर और अन्नपूर्णा थानों में भी तैनात रह चुका है।
2019 के बाद फिर सक्रिय हुआ श्वेता जैन का नेटवर्क
गौरतलब है कि सितंबर 2019 में इंदौर नगर निगम के एक इंजीनियर की शिकायत पर मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा हनीट्रैप घोटाला उजागर हुआ था, जिसमें श्वेता विजय जैन को पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड पाया गया था। उस वक्त इस गिरोह पर कई रसूखदार राजनेताओं, आईएएस-आईपीएस अफसरों और बिल्डरों को जाल में फंसाकर करोड़ों रुपए वसूलने के आरोप लगे थे। श्वेता को बाद में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने इंदौर की शातिर महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित और पुलिस के अंदरूनी सूत्रों के साथ मिलकर फिर से ब्लैकमेलिंग का नया सिंडिकेट खड़ा कर लिया। फिलहाल इंदौर क्राइम ब्रांच की टीमें आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही हैं, जिससे प्रदेश के कई अन्य पीड़ितों के नाम सामने आने की आशंका है।







