मंडला यशभारत । जिले के बहुचर्चित बबलू पंडा (दिलीप सिंह भदौरिया) हत्याकांड में अपर सत्र न्यायालय निवास ने अपना फैसला सुना दिया। न्यायाधीश प्रवीण कुमार सिन्हा ने इस मामले के सात आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, वहीं तीन अन्य आरोपियों को सबूतों की कमी के चलते बरी कर दिया गया है। न्यायालय ने आकाश सोनकर, अमित श्रीवास्तव, हनी उर्फ हिमांशु सोनकर, विशाल चक्रवर्ती, रोहित सोनकर, सौरभ सोनकर और सुखदेव उर्फ बाबा सोनकर को हत्या का दोषी माना। इन सातों को आजीवन कारावास के साथ 5000-5000 रुपए के जुर्माने की सजा दी गई है। इसके अलावा आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में भी अलग से सजा और जुर्माना लगाया गया है। दूसरी ओर, नीरज सोनकर, कैलाश उर्फ दस्सू यादव और सुमित उर्फ सिद्धार्थ यादव को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
ढाबे में घुसकर की थी फायरिं
यह पूरी घटना 12 अगस्त 2021 की रात की है। ग्राम उदयपुर के दशमेश ढाबा में पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान आरोपियों ने ढाबे के अंदर घुसकर बबलू पंडा पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
पुलिस और अभियोजन की पैरवी
तत्कालीन थाना प्रभारी राजेंद्र बर्मन ने इस मामले की जांच की थी और पुलिस अधीक्षक ने इसे ‘सनसनीखेज’ केस की श्रेणी में रखा था। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी उज्ज्वला उइके ने मजबूती से पक्ष रखा, जिसके आधार पर न्यायालय ने यह फैसला सुनाया।