ड्रेनेज सिस्टम बहा, दावे डूबे: बारिश ने उतारी विकास की कलई, शहर के कई हिस्से जलमग्न : 10 घंटे में 118 मिमी बारिश से बिगड़े हालात, घर-दुकानों में घुसा पानी; कई मार्गों का संपर्क टूटा… देखें पूरा वीडियो

सतना यश भारत । मूसलाधार बारिश ने सतना शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। कुछ ही घंटों में शहर के कई निचले इलाके पानी में डूब गए। सड़कों पर जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित हुआ, जबकि कई घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के कारण एक बार फिर शहर में बाढ़ और जलभराव को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
मंगलवार देर रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला बुधवार देर शाम तक जारी रहा। सुबह 8.30 बजे से शाम 6.30 बजे तक जिले में करीब 118 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शहर की कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया और निचले क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई।
पिछले 24 घंटे से जारी बारिश के चलते जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात बिगड़े हैं। जलभराव और नदी-नालों के उफान के कारण करीब डेढ़ दर्जन मार्गों पर आवागमन प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। कई स्थानों पर लोगों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क भी बाधित हुआ।
भाजपा कार्यालय परिसर में भी पहुंचा पानी
शहर में जलभराव का असर ऐसा रहा कि कई निजी परिसरों के साथ राजनीतिक दलों के कार्यालय भी इससे अछूते नहीं रहे। भाजपा कार्यालय परिसर में करीब दो से तीन फीट तक पानी भरने की जानकारी सामने आई। इससे शहर की जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
मंदाकिनी और सेमरावल नदी का बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश के कारण चित्रकूट की मंदाकिनी, जैतवारा की सेमरावल और अन्य नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के तटीय इलाकों में बैकवाटर फैलने से कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
टमस नदी खतरे के निशान से ऊपर
लगातार बारिश के बीच टमस नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। बताया गया कि खतरे का स्तर 289 मीटर है, जबकि नदी का जलस्तर बढ़कर करीब 289.40 मीटर तक पहुंच गया। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाते हुए लोगों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील की है।
अगले 24 घंटे भी भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने सतना जिले में बारिश को लेकर आगे भी चेतावनी जारी की है। पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 24 घंटे के दौरान जिले के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों के साथ निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
बारिश के बाद स्मार्ट सिटी व्यवस्था पर उठे सवाल
बारिश ने शहर के विकास और जल निकासी से जुड़े इंतजामों पर भी बहस छेड़ दी है। सतना में स्मार्ट सिटी सहित विभिन्न शहरी विकास योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये के काम किए गए हैं। इसके बावजूद तेज बारिश के दौरान सड़कों और बस्तियों में जलभराव की स्थिति सामने आने से यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को कितनी मजबूती से तैयार किया गया है।
यह स्थिति केवल राजनीतिक बहस का विषय नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा मुद्दा है। हर वर्ष बारिश के दौरान यदि निचले इलाकों में पानी भरता है, तो जल निकासी की क्षमता, नालों की सफाई, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और बरसाती पानी की निकासी की पूरी व्यवस्था की समीक्षा जरूरी हो जाती है।
बारिश रुकने के बाद पानी निकल जाना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग जलभराव वाले क्षेत्रों को चिन्हित करें, ड्रेनेज सिस्टम की क्षमता की जांच कराएं और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करें।
सतना में बुधवार की बारिश ने सिर्फ सड़कों पर पानी नहीं भरा, बल्कि शहर की जल निकासी व्यवस्था की तैयारियों की भी परीक्षा ले ली। अब निगाह इस बात पर है कि प्रशासन और जिम्मेदार एजेंसियां इस बारिश से क्या सबक लेती हैं।







