डामर चुपडक़र बनाई सडक़ें कई जगह उखड़ीं, कुठला से बरगवां तक सडक़ पर गड्ढे ही गड्ढे, बारिश में शहर का हाल बुरा, हर रोज दुर्घटनाएं

कटनी, यशभारत। कटनी में न तो अभी भारी बारिश हुई है और न ही अनवरत बारिश का सिलसिला शुरू हुआ है लेकिन इसके बाद भी शहर के प्रमुख मार्गों से लेकर अंदरूनी मार्गों की सडक़ों ने भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। डामर चुपडक़र बनाई गई सडक़ें कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई है और इसमे इतने बड़े गड्ढे हो गए हैं कि वाहनों के पहिए इसमे धंसकर रहे हैं। इन गड्ढ़ों में फंसकर हर दिन वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। करोड़ों रूपए की लागत से बनी इन सडक़ों की हालत बद से बदतर हो गई है। आलम यह है कि सडक़ में गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैंं। पहली बारिश में ही इन सडक़ों की स्थिति खराब हो गई है। कई स्थानों पर सीवर लाइन निर्माण की वजह से ऐसा हुआ है। जिसके चलते हजारों वाहन चालकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 85 करोड़ की लागत से बने मिशन चौक ओव्हर ब्रिज में आई दरारों और गड्ढों की वजह से पहले से शहर के लोग परेशान है और अब चाका से लेकर कुठला होते हुए बरगवां और माधवनगर गेट तक की सडक़ कई स्थानों पर जर्जर और खस्तहाल हो चुकी है। विडम्बना इस बात की है कि इन सडक़ों से शहर के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी हर रोज गुजरते हैं लेकिन इसके सुधार और मरम्मत की तरफ उनका ध्यान नहीं जाता। चाका से कटनी की ओर कुठला के पास कई स्थानों पर सडक़ की हालत ऐसी हो गई है कि इसमे गड्ढों की वजह से आवागमन बाधित हो रहा है। कुठला से लेकर बस स्टेंड होते हुए नदीपार और चांडक चौक में सडक़ दुर्दशा का शिकार हो गई है। इसी तरह मिशन चौक ओव्हर ब्रिज के बरगवां एंड पर भी कुछ ऐसी ही हालत है। बरगवां से लेकर माधवनगर गेट तक भी बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिसने भ्रष्टाचार की कलई खोल दी है।
ग्रामीण मार्गों का भी यही हाल
कटनी में मानसून के दौरान पहली ही बारिश में सडक़ों और ग्रामीण मार्गों का बुरा हाल हो गया है, जिससे कई जगह सडक़ें कीचड़ और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जलभराव और जर्जर रास्तों के कारण आम जनता और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची और संपर्क सडक़ें बारिश के पानी से दलदल बन गई हैं, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। बारिश के कारण शहर के निचले हिस्सों और मुख्य मार्गों पर पानी भर जाता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है।







