जीआरपी ने नाबालिग बालिका को किया दस्तयाब : मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर पहुंची टीम

सतना यश भारत । जीआरपी सतना ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए 36 घंटे के भीतर एक नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और साइबर सेल की मदद से बालिका का पता लगाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी दिवाकर कुमार पिता मुकेश मंडल उम्र 22 वर्ष निवासी रसलपुर थाना बाजपट्टी जिला सीतामढ़ी (बिहार) अपनी 14 वर्षीय नाबालिग बहन के साथ 20 मई 2026 को ट्रेन नंबर 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस से मुजफ्फरपुर से रायपुर की यात्रा कर रहे थे। दोनों कोच एस-6 की बर्थ नंबर 50 एवं 51 पर सवार थे।
यात्रा के दौरान अमदरा रेलवे स्टेशन पर नाबालिग बालिका महिला संबंधी आवश्यक सामान लेने ट्रेन से उतर गई। इसी दौरान ट्रेन रवाना हो गई। कटनी पहुंचने पर बहन के नहीं मिलने पर फरियादी ने जीआरपी थाना कटनी एवं मैहर को सूचना दी।
जीआरपी कटनी द्वारा मामला दर्ज कर डायरी जीआरपी सतना भेजी गई। डायरी प्राप्त होते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी सतना ने अपराध क्रमांक 247/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तत्काल टीम गठित कर बालिका की तलाश शुरू की गई।
जांच में पता चला कि ट्रेन छूटने के बाद बालिका अमदरा स्टेशन से कटनी पहुंची, जहां वह एक मकान में गई और वहां उसकी मुलाकात एक वृद्ध महिला से हुई। बालिका ने महिला को पूरी घटना बताई। महिला उसे मानिकपुर के ऊंचाडीह क्षेत्र ले गई, जहां वह उसके साथ रही। इस दौरान बालिका ने महिला के मोबाइल फोन का उपयोग किया।
मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम मानिकपुर पहुंची। साइबर सेल जबलपुर की सहायता से लोकेशन ट्रेस कर बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया गया। बाद में उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
गुमशुदा बालिका को 36 घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद करने में उप निरीक्षक राजेश राज, एएसआई रवि मांझी, प्रधान आरक्षक दयाचंद तिवारी, आरक्षक प्रशांत यादव, महिला आरक्षक शीलू तिवारी एवं आरपीएफ प्रधान आरक्षक श्रीराम यादव की सराहनीय भूमिका रही।







