जिंदा बुजुर्ग को कागजों में “मृत” दिखाकर जमीन हड़पने का खेल बेनकाब : पटवारी समेत 3 पर मामला दर्ज

सतना, यश भारत । जिले के कोठी क्षेत्र में जमीन हड़पने के लिए कथित तौर पर एक हैरान कर देने वाली साजिश का खुलासा हुआ है। आरोप है कि रेलवे से सेवानिवृत्त एक बुजुर्ग को सरकारी दस्तावेजों में मृत दर्शाकर उनकी पुश्तैनी भूमि का नामांतरण करा लिया गया। मामले में पुलिस ने दो रिश्तेदारों और एक पटवारी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार सेवानिवृत्त कर्मचारी ईश्वरदीन सोनी को जीवित होने के बावजूद रिकॉर्ड में मृत बताने का प्रयास किया गया। शिकायत के आधार पर कोठी थाना पुलिस ने उनके भतीजों रामकरण सोनी और कताहुर सोनी के साथ हल्का पटवारी **प्रवीण सिंह को आरोपी बनाया है।
प्रकरण की शिकायत तहसीलदार सौम्य द्विवेदी द्वारा दर्ज कराई गई है। आरोप है कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर राजस्व अभिलेखों में वारिसाना नामांतरण कराया गया। इसके बाद संबंधित भूमि का विक्रय दस्तावेज पटवारी की पत्नी के नाम निष्पादित किए जाने की बात भी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) तथा धारा 61 (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र किस प्रक्रिया से जारी हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच अब जन्म एवं मृत्यु पंजीयन से जुड़े रिकॉर्ड तक पहुंच सकती है। प्रशासन यह स्पष्ट करने में जुटा है कि एक जीवित व्यक्ति को मृत साबित करने के लिए दस्तावेजों में कथित हेरफेर कैसे हुई।
प्रमुख तथ्य
* जीवित बुजुर्ग को रिकॉर्ड में मृत दर्शाने का आरोप।
* दो भतीजों और एक पटवारी के खिलाफ एफआईआर।
* कथित फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर नामांतरण।
* भूमि का विक्रय पटवारी की पत्नी के नाम होने का आरोप।
* राजस्व और पुलिस स्तर पर जांच तेज, अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में।
यह मामला सामने आने के बाद राजस्व अभिलेखों की पारदर्शिता और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जांच पूरी होने के बाद पूरे घटनाक्रम से जुड़े कई और तथ्य उजागर होने की संभावना जताई जा रही है।







