जमीन के मोह में फंसी सीएसपी पर एफआईआर, नेहा के करीबी के एकाउंट से ट्रांसफर हुए 15 लाख, क्रेता सहित तीन लोगों पर मामला दर्ज, कटनी में लगातार दूसरी सीएसपी से वर्दी दागदार, हत्या के आरोपी के पिता से किया जमीन का सौदा, फिर भेजा जेल

कटनी, यशभारत। हत्या के आरोपी से जमीन की सौदेबाजी मामले में जांच के बाद नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया सहित दो अन्य लोगों के विरूद्ध कुठला थाने में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में दर्ज की गई धाराएं काफी संगीन है। पूरा मामला कुठला थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कन्हवारा में मार्च के महीने में हुए हत्याकांड से जुड़ा हुआ है। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय से याचिका खारिज होने और अंतरिम राहत नहीं मिलने के बाद पुलिस विभाग ने उनके खिलाफ कानूनी रुख अपनाया। भोपाल सतर्कता शाखा की शिकायत और जबलपुर जोन के निर्देश पर कुठला थाने मामला दर्ज किया गया। कुठला थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कन्हवारा निवासी आकाश पिता रमेश लोधी ने शिकायत दी थी कि तत्कालीन कुठला थाना प्रभारी राजेन्द्र मिश्रा एवं सीएसपी द्वारा डरा धमका कर उसके पिता रमेश लोधी को 15 अप्रैल से जमीन की रजिस्ट्री मारूफ अहमद हनफी के नाम पर करवा दी गई। शासन द्वारा जमीन की निर्धारित न्यूनतम राशि 82 लाख रुपये है। जमीन का सौदा 1.07 करोड़ में तय हुआ था, जिसमें सिर्फ 15 लाख बैंक चेक से मिले है। बाकी रकम 92 लाख रुपये आज तक नहीं मिली। रमेश लोधी को यह भरोसा दिलाया गया था कि रजिस्ट्री करवाने के उपरांत 7 दिन में शेष राशि 92 लाख रूपए दी जायेगी।
18 लाख में खरीदी 82 लाख की जमीन
जबलपुर जोन के आईजी प्रमोद वर्मा के निर्देश पर जबलपुर की एएसपी अनु बेनीवाल द्वारा शिकायतों की जांच की गई। विभागीय जांच में सामने आया कि सरकारी गाइडलाइन के अनुसार इस जमीन की वास्तविक कीमत 82 लाख 86 हजार 930 रुपये थी, जबकि इस जमीन की रजिस्ट्री मात्र 18 लाख 20 हजार रुपये में करवाई गई। इसमें कागजों पर 15 लाख रुपये चेक के माध्यम से और 3.20 लाख रुपये नकद देना दर्शाया गया।
बैंक स्टेटमेंट से सामने आई सांठगांठ
जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मारूफ अहमद हनफी जमीन के खरीदार हैं, लेकिन उनके बैंक खाते में जमीन खरीदने लायक रकम मौजूद नहीं थी। 11 जुलाई 2025 को उनके खाते में महज 3036 रुपये और 1 जुलाई 2026 को 1 लाख 61 हजार 516 रुपये जमा थे। 15 अप्रैल को रजिस्ट्री के दिन उनके खाते में अचानक 15 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। जांच में पता चला कि मारूफ अहमद हनफी के खाते में 10 लाख रुपये शाइन पार्टनर्स के खाते से और 5 लाख रुपये क्षितिज राज बारापात्रे के खाते से भेजे गए। गहराई से पड़ताल करने पर सामने आया कि शाइन पार्टनर्स और क्षितिज राज बारापात्रे दोनों के बैंक खातों में एक ही पेन नंबर दर्ज है।
पीडि़त परिवार पर बनाया झूठे केस का दबाव
जांच रिपोर्ट के अनुसार क्षितिज राज बारापात्रे को सीएसपी नेहा पच्चीसिया का करीबी, संबंधी या व्यावसायिक पार्टनर बताया गया है। रमेश लोधी जब एक आपराधिक मामले की जांच का सामना कर रहा था, उसी दौरान उससे औने पौने दामों में जमीन बेचने का दबाव बनाया गया। रमेश के बेटे आकाश लोधी का आरोप है कि जब उनके पिता ने जेल में रहने के दौरान हुई इस विवादित रजिस्ट्री और नामांतरण को रद्द कराने के लिए आवेदन दिए तो उनके पूरे परिवार को धमकाया गया। पीडि़त परिवार की आवाज दबाने के लिए रमेश लोधी और उनके दामाद को भी हत्या के मुकदमे में आरोपी बनाकर जेल भिजवा दिया गया। कुठला थाने में दर्ज हत्या के मामले में तय समयावधि के भीतर चालान न्यायालय में पेश न करने के कारण मुख्य आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिल गई थी, जिस पर सीएसपी की कार्यप्रणाली पर वरिष्ठ अधिकारियों ने नाराजगी जताई थी।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एफआईआर
शिकायत पहले भोपाल स्थित सतर्कता शाखा पहुंची, जहां से मामला जबलपुर जोन भेजा गया। आईजी जबलपुर के निर्देश पर एएसपी अनु बेनीवाल ने बैंक खातों, दस्तावेजों और ट्रांजैक्शन की बिंदुवार जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी। इसके आधार पर 18 अगस्त को जबलपुर जोन कार्यालय ने एसपी को वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद कुठला थाने में एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61, 198, 199 (ब) 308 (7) 318 (4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
रिपोर्ट में कहा…यह संयोग नहीं
सीएसपी का विवेचना अवधि के दौरान आरोपी रमेश लोधी की कन्हवारा स्थित भूमि को अपने संबंधी, करीबी पार्टनर क्षितिज राज बारापत्रे से निवेश कराके खरीद लेना एक संयोग मात्र नहीं है, यह सीएसपी एवं उनके संबंधी करीबी पार्टनर क्षितिज राज बारापत्रे द्वारा एकमत एकराय होकर आपराधिक कृत्य करना पाया गया है।
तत्कालीन कुठला थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं
हत्या के आरोपी से जमीन की सौदेबाजी मामले में कुठला थाने के तत्कालीन प्रभारी राजेन्द्र मिश्रा पर भी गंभीर आरोप लगे हैं लेकिन जांच के बाद उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। विदित हो कि वे कुछ ही समय पहले सेवानिवृत हो चुके हैं। जिस समय यह पूरा घटनाक्रम हुआ था, उस समय वे कुठला थाना प्रभारी थे। हत्या की वारदात के बाद जमीन की सौदेबाजी उन्हीं के थाना प्रभारी रहते हुई। शिकायत में उन पर भी आरोप लगे थे कि उन्होंने डरा धमकाकर जमीन की सौदेबाजी कराई लेकिन जांच रिपोर्ट और एफआईआर में उनके नाम का कहीं जिक्र नहीं है। इसको लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।
सीएसपी कार्यालय सीज, महकमे में हडक़ंप
हत्या के आरोपी की जमीन फर्जीवाड़े में कुठला थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर आज बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। सुबह-सुबह पुलिस की विशेष टीम ने कटनी स्थित सीएसपी कार्यालय को सीज कर दिया है। मुख्यालय के इस अचानक और कड़े कदम से जिले के पूरे पुलिस महकमे में हडक़ंप मच गया है। सूत्रों के मुताबिक पीएचक्यू भोपाल से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सीएसपी कार्यालय की तालाबंदी कर सीलिंग की कार्रवाई पूरी की गई। एफआईआर में नामजद आरोपी बनाई गई सीएसपी नेहा पच्चीसिया के कार्यालय को सीज करने का मुख्य उद्देश्य मामले से जुड़ी फाइलें, कन्हवारा जमीन सौदे के संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को रोकना है। बताया जा रहा है कि एसआईटी या जांच अधिकारी जल्द ही सीज किए गए कार्यालय को खोलकर विस्तृत फोरेंसिक और दस्तावेजी जांच करेंगे।
सीएसपी कांड : पांच पुलिस कर्मियों को ड्यूटी से हटाया
इस मामले में एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई। सूत्र बताते हैं कि एएसपी जबलपुर अनु बेनीवाल की रिपोर्ट के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर रंगनाथनगर थाना प्रभारी अरुण पाल सिंह, स्लीमनाबाद थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक सौरभ सोनी सहित, सीएसपी के ड्राइवर, गनर और रीडर को ड्यूटी से हटा दिया गया है। विभाग में यह मामला आज सारा दिन चर्चाओं में रहा।







