जनसुनवाई में फूटा ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश, पंचायत पर योजनाओं में भेदभाव के आरोप
Rural women's anger erupts at public hearing; allegations of discrimination in schemes leveled against the Panchayat.

जनसुनवाई में फूटा ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश, पंचायत पर योजनाओं में भेदभाव के आरोप
भोपाल, यश भारत। राजधानी भोपाल के कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्राम पंचायत पिपलिया बाज खां (सुखी सेबनिया), विधानसभा हुजूर की ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। करीब 35 से 40 महिलाएं एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और पंचायत में संचालित सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता एवं पात्र हितग्राहियों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। महिलाओं ने बताया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है लेकिन उनके गांव में इन योजनाओं का लाभ पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से नहीं मिल रहा है। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधानमंत्री आवास योजना सड़क एवं नाली निर्माण वृद्धावस्था पेंशन सहित कई विकास और कल्याणकारी योजनाओं में पात्र लोगों की अनदेखी की जा रही है जिससे जरूरतमंद परिवार सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं। यश भारत से बातचीत में महिलाओं ने कहा कि पंचायत में व्याप्त समस्याओं को लेकर कई बार शिकायतें की गईं लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों तक बात नहीं पहुंचने और स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने के कारण उन्हें सामूहिक रूप से कलेक्टर कार्यालय आकर अपनी पीड़ा बतानी पड़ी। ग्रामीण महिलाओं ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा पात्र हितग्राहियों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने की मांग की। जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों ने महिलाओं की शिकायत प्राप्त कर नियमानुसार जांच एवं आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।







