किसानों के लिए अमृत की फुहार : किसान धान की रोपाई में ना करें देरी

शहपुरा यश भारत। भारत कृषि प्रधान देश है वर्तमान में अमृत की फुहार के चलते किसान धान की रोपाई में व्यस्त हो गए हैं lहर गाँव के खेत खेत में किसान परिवार दिखाई देने लगे है और किसानी के काम में लगे है।
जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने जैविक विधि से अपने देशी धान तुलसी अमृत बीज का पहले बीजोपचार (बीजामृत) किया था। जिससे उक्ठा जैसे रोगों से बचाया जा सकता है। 10 जून को बीजोपचार करके नर्सरी रखी। जिसमें आज 18 दिन का हो चुका है। फिर रोपाई प्रारंभ कि। मताई के बाद केंचुआ खाद डाला गया रोपाई के 10 दिन बाद जीवामृत तरल खाद का छिडकाव करेंगे।
भारतीय किसान संघ डिंडोरी के जिलाध्यक्ष व जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने किसान बंधुओं से अपील कि,किसान भाई 14 से 21 दिन में धान के पौधे की रोपाई करें जिससे पौधे के सत प्रतिशत सम्भलने की संभावना रहती है। धान की फसल की जुताई बुबाई में ट्रैक्टर के इंतजार में देरी न करें कोई भी साधन अपनाकर समय पर खेती का कार्य करें जिससे पौधे को समय समय पर पानी मिलता रहता है। खेती में देरी करने से फसलों के पैदावार में प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।







