किराए के भवन में बच्चे पढ़ने मजबूर : स्कूल भवन और पक्की सड़क को मोहताज ग्रामीण छात्र

डिंडोरी lदेश का भविष्य कहे जाने वाले ग्रामीण क्षेत्र के नौनिहाल पक्की सड़क और स्कूल भवन की आस लगाए किराए के मकान में पढ़ने को मजबूर हैं,ताजा मामला डिंडोरी जिला के समनापुर विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पडरिया के पोषक ग्राम भालापुरी के शिकारी टोला का हैं जहां जर्जर हो चुकी प्राथमिक शाला में एक साल पूर्व शिक्षा विभाग के द्वारा यह कहकर ताला जड़ दिया गया था कि भवन डिस्मेंटल करने लायक हो गया हैं और वैकल्पिक व्यवस्था टोला से दूर गांव के लिए की गई लेकिन छात्र छात्राओं के परिजन इस बात के लिए राजी नहीं हुए और गांव में ही जुगाड से बना डाली झोपडी नुमा पाठशाला।
शिकारी टोला निवासी छात्र शुभम आर्मो और छात्रा नंदनी मोगरे का कहना है कि उनके स्कूल का भवन जर्जर हो चुका है,छत से प्लास्टर गिरता हैं जिसके कारण स्कूल बीते एक साल से पन्नी नुमा झोपडी में लग रहा था,अधिक बारिश के चलते मिट्टी की फर्श से पानी रिसाव होने लगा जिससे व्यवस्था कुछ दिनों से प्रायवेट मकान में की गई है,वही घर से स्कूल आने जाने के लिए कीचड़ भरी सड़क से आना पड़ता है जिससे हमारी ड्रेस खराब हो जाती है और शिक्षकों को भी आने जाने में परेशानी होती है।हम जिला प्रशासन और सरकार से मांग करते है कि हमें अच्छी सड़क और स्कूल दिया जाए। वही शिकारी टोला प्राथमिक शाला के पालक संघ के सदस्यों में संजू सिंह आर्मो और कमल दास गायकवाड़ का कहना है कि हमें बताने में बेहद शर्म महसूस हो रही है कि शिकारी टोला में एक ही प्राथमिक स्कूल है लेकिन बीते दो वर्षों से जर्जर हालत में होने से बंद है,गांव के लोगों ने चंदा करके पन्नी नुमा झोपडी बनाई जिसमें बच्चे एक साल से पढ़ रहे थे लेकिन वर्षा अधिक होने से पानी का रिसाव फर्श पर होने लगा जिससे उन्हें किराए के भवन में व्यवस्था की गई,लेकिन जानकारी गांव के सरपंच सचिव से लेकर बीआरसी को दी गई लेकिन उन्होंने समस्या का कोई निदान नहीं किया। ऐसे भी छात्र छात्राओं के पालकों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि बच्चों के लिए चलने लायक सड़क और पढ़ने के लिए स्कूल भवन बनवाए। बहरहाल सड़क और स्कूली भवन को देख यही लगता है कि ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की समस्या वाकई हैरान करने वाली हैं,अब देखना होगा कि ख़बर सामने आने के बाद समस्या का समाधान सरकार या जिला प्रशासन का तक करता हैं।
इनका कहना है ….
भवन की बिल्डिंग खराब हो गई है इसलिए एक ग्रामीण ने स्वयं का घर स्कूल लगाने के लिए दिया है, किराये की बात नहीं हुई है उन्होंने नि: शुल्क ही भवन दिया है – मदन सोनवानी, बीआरसी समनापुर
सचिव सरपंच को बोला हूं कि आने जाने वाले रास्ते पर मुरूम डलवा दे जिससे बच्चों को समस्या ना हो – जतिन ठाकुर, सीईओ जनपद पंचायत समनापुर







