कागजों में चल रही मछुआ समितियों की खुलेगी पोल
जिले की 64 समितियों की होगी पड़ताल, सदस्यों का भौतिक सत्यापन और वर्षों पुराने रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे

कागजों में चल रही मछुआ समितियों की खुलेगी पोल
जिले की 64 समितियों की होगी पड़ताल, सदस्यों का भौतिक सत्यापन और वर्षों पुराने रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे

कटनी,यशभारत। जिले में मछुआ सहकारी समितियों के नाम पर चल रही गतिविधियों की अब जमीनी जांच होगी। प्रशासन ने जिले की सभी 64 मछुआ समितियों की पात्रता और कामकाज की पड़ताल कराने के निर्देश दिए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि समितियां वास्तव में सक्रिय हैं या केवल दस्तावेजों में संचालित हो रही हैं।
समितियों की सदस्य सूची के आधार पर प्रत्येक सदस्य का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। साथ ही पिछले पांच वर्षों के सदस्य सभा रजिस्टर, मछली पकड़ने, उत्पादन और वजन के रिकॉर्ड तथा लाभांश वितरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच होगी।
प्रशासन ने पिछले 10 वर्षों में शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र से खरीदे गए मत्स्य बीज की रसीदें और पिछले तीन वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट, कैशबुक, बैंक पासबुक व छह माह के बैंक स्टेटमेंट भी मांगे हैं। पिछले पांच वर्षों में मिले विभागीय अनुदान से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में रहेंगे।
जांच में अपात्र सदस्य मिलने पर उन्हें नियमानुसार हटाया जाएगा। वहीं लंबे समय से निष्क्रिय समितियों की स्थिति भी सामने लाई जाएगी और नियमों के तहत उनके विघटन की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।







