कल 11.25 पर स्लीमनाबाद पहुंचेंगे सीएम, जिले में 2 घंटे 35 मिनट का वक्त बिताएंगे, जनसभा को भी संबोधित करेंगे डॉ मोहन यादव

कटनी, यशभारत। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कल 17 जुलाई को कटनी जिले के प्रवास पर आ रहे हैं। वे यहां 2 घंटे 35 मिनिट का वक्त देंगे। बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र के स्लीमनाबाद में बरगी व्यपवर्तन परियोजना अंतर्गत दाईं तट मुख्य नहर (स्लीमनाबाद टनल) का अवलोकन करेंगे। निरीक्षण के बाद सीएम जनसभा को भी संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों में आज भी जिला प्रशासन के अधिकारी स्लीमनाबाद क्षेत्र में सक्रिय रहें। कलेक्टर आशीष तिवारी और एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने बहोरीबंद विधायक प्रणय पांडे के साथ हैलीपैड का निरीक्षण किया। उन्होंने सभा स्थल भी देखा। उधर सीएम के आगमन के मद्देनजर भाजपा का जिला संगठन भी चौकन्ना है। जिले के प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह भी कल स्लीमनाबाद में होंगे।
गौरतलब है कि जानकारी के मुताबिक स्लीमनाबाद टनल की खुदाई का कार्य पूर्ण हो गया है और टनल बोरिंग मशीन अब टनल के अंतिम स्थल पर पहुंच गई है। टनल की कुल लम्बाई 11.952 किलोमीटर है। यह देश की सबसे लंबी वाटर टनल है जो पुण्य सलिला मां नर्मदा की अमृतधारा को बिना पंप की सहायता प्राकृतिक बहाव के साथ सोन बेसिन से जोड़ने का सेतु के रूप में कार्य करेगी। बताया गया है कि बरगी व्यपवर्तन परियोजना की दाई तट मुख्य नहर के किलोमीटर 104 से 116.865 किलोमीटर के मध्य निर्मित इस टनल का कार्य करीब डेढ़ दशक से चल रहा था। टनल की कुल लम्बाई 116.865 किलोमीटर से 129 किलोमीटर तक ओपन कैनाल रहेगी। इस कैनाल की जल प्रवाह क्षमता 152 क्यूमेक है जबकि टनल का डायमीटर 10.140 मीटर है। इस स्लीमनाबाद टनल के पूर्ण होने के बाद 1.85 लाख हेक्टयर भू क्षेत्र में सिचाई प्रस्तावित है।
किसानों को होगा लाभ
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के कार्यपालन यंत्री सहज श्रीवास्तव ने बताया कि अंचल के किसानों की समृद्धि और विकास की दिशा में स्लीमनाबाद टनल का निर्माण एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इस टनल के बनने से क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। इस टनल से कटनी शहर की पेयजल की आपूर्ति के लिए भी मां नर्मदा का पानी मिलेगा। इसके साथ ही जिले के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसका फायदा मिलेगा।
चार जिले होंगे लाभान्वित
परियोजना से कटनी जिले का 21 हजार 823 हेक्टेयर, मैहर का 54 हजार 227 हेक्टेयर, सतना का 1 लाख 4 हजार 970 हेक्टेयर, पन्ना का 448 हेक्टेयर और रीवा का 3 हजार 84 हेक्टेयर क्षेत्र सीधे लाभान्वित होंगे। इन सबको मिलाकर इसके साथ ही इन जिलों के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसका बड़ा फायदा मिलेगा।
1600 करोड़ से अधिक की लागत
बरगी व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत जबलपुर स्थित बरगी बाँध से निकलने वाली स्लीमनाबाद की यह दाई तट मुख्य नहर (ट्रांस वेल्ली कैनाल ) प्रदेश की सबसे ज्यादा 227 क्यूमेक पानी डिस्चार्ज केयरिंग कैपेसिटी वाली नहर होंगी। इस टनल के वर्तमान में कुल लागत 1600 करोड़ रूपये से अधिक की हो गयी है। स्लीमनाबाद टनल के निर्माण की एजेंसी मेसर्स पटेल-एस.ई.डब्लूयू (संयुक्त उपक्रम) हैदराबाद है। स्लीमनाबाद टनल अपनी पूर्णता के बाद पुण्य सलिला माँ नर्मदा की अमृत धारा सोन नदी से जुड़ जायेगी और यह प्रदेश के आधा दर्जन जिलों की भूमि की सिचाई और पेय जल का निमित्त बनेगी।








