एमबीबीएस-बीडीएस में एनआरआई कोटे के नियम सख्त, अब ब्लड रिलेशन होगा अनिवार्य फर्जी दावों पर लगेगी रोक, खाली सीटें सामान्य प्रक्रिया से भरेंगी
Stricter NRI quota rules for MBBS/BDS; blood relation now mandatory Fraudulent claims to be curbed; vacant seats to be filled via the general process

एमबीबीएस-बीडीएस में एनआरआई कोटे के नियम सख्त, अब ब्लड रिलेशन होगा अनिवार्य
फर्जी दावों पर लगेगी रोक, खाली सीटें सामान्य प्रक्रिया से भरेंगी
भोपाल यश भारत। मध्य प्रदेश सरकार ने मेडिकल शिक्षा में एनआरआई (अनिवासी भारतीय) कोटे के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए पात्रता नियमों को और सख्त कर दिया है। अब प्रदेश के एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में एनआरआई कोटे के तहत प्रवेश केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेगा जिनका संबंधित एनआरआई से निकट का रक्त संबंध (ब्लड रिलेशन) होगा। नए नियमों के अनुसार अभ्यर्थियों को माता पिता भाई बहन दादा दादी नाना नानी चाचा चाची मामा मामी अथवा अन्य निर्धारित निकट संबंधियों से रिश्ते का वैध प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके बिना एनआरआई कोटे का लाभ नहीं मिल सकेगा। प्रदेश में पहले मैनेजमेंट कोटा समाप्त कर उसकी जगह एनआरआई कोटे की व्यवस्था लागू की गई थी ताकि विदेश में रहने वाले भारतीयों के आश्रितों को मेडिकल शिक्षा में प्रवेश का अवसर मिल सके। लेकिन समय समय पर फर्जी दस्तावेजों और गलत दावों के जरिए इस कोटे के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आने के बाद सरकार ने पात्रता मानदंडों को और कड़ा कर दिया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि काउंसलिंग के दौरान एनआरआई कोटे की सीटें खाली रह जाती हैं तो उन्हें रिक्त नहीं रखा जाएगा। निर्धारित प्रवेश नियमों के अनुसार इन सीटों को सामान्य प्रक्रिया के तहत अन्य पात्र अभ्यर्थियों को आवंटित किया जाएगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियम लागू होने से वास्तविक एनआरआई परिवारों को ही इस कोटे का लाभ मिलेगा जबकि फर्जी दावों और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी।







