एसआईआर में जुटी भाजपा, अब नियुक्तियां नए साल में, जिला कार्यकारिणी के लिए अभी और इंतजार
निगम मंडल, प्राधिकरण और एल्डरमैन के दावेदारों को भी अब नए साल तक रखना होगा सब्र

कटनी, यशभारत। भारतीय जनता पार्टी का पूरा फोकस इन दिनों गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम ( एसआईआर) में है, इसलिए सत्ता के स्तर पर होने वाली नियुक्तियों को एक माह के लिए टाल दिया गया है। सूत्र बताते है कि संगठन स्तर पर छिटपुट नियुक्तियां ही की जा रही है। हेमंत खंडेलवाल अपनी प्रदेश की टीम का विस्तार करना चाह रहे हैं, लेकिन इसमें अभी कुछ वक्त लगेगा। कटनी समेत करीब दो दर्जन जिलों की जिला कार्यकारिणी की घोषणा भी अब तक नहीं हो सकी है।
गौरतलब है कि भाजपा में प्रदेश कार्यकारिणी, मोर्च, प्रकोष्ठ सहित जिस फुर्ती के साथ संभाग प्रभारियों की नियुक्ति की उससे लगा राजनीतिक नियुक्तियों का पिटारा भी जल्द खुल जाएगा, लेकिन अब दावेदारों को और इंतजार करना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि पार्टी ने राजनीतिक नियुक्तियों पर अस्थाई होल्ड लगा दिया है। सूत्रों ने इसकी वजह नामों पर अंतिम सहमति नहीं बन पाना बताया है। हालांकि नाम चयन की प्रक्रिया जारी है। इसी बीच एसआइआर शुरू होने पर पार्टी ने उसे प्राथमिकता पर रखा है। नतीजतन एक माह के लिए राजनीतिक नियुक्तियों को टाल दिया है। सूत्रों का कहना है कि दिसंबर अंत या जनवरी में सिलसिलेवार नियुक्तियां की जाएंगी।
कई दौर की बात
नियुक्तियों को लेकर सत्ता-संगठन में कई दौर का मंथन हो चुका है। एक सितंबर को सीएम हाउस में ‘राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष सहित प्रदेश के शीर्ष नेताओं के बीच बात हुई। उसी दिन पार्टी के कुछ नेताओं से भाजपा मुख्यालय में बीएल संतोष ने मुलाकात की। नवंबर में बिहार चुनाव के तुंरत बाद राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश प्रदेश आए, तब भी चर्चा हुई, पर अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।
यहां फंसा है पेंच
राजनीतिक नियुक्तियों में सबसे ज्यादा पेंच दिग्गजों के बीच समन्वय बैठाने पर है। कटनी में जिला कार्यकारिणी को लेकर सीधे तौर पर सांसद वीडी शर्मा के हस्तक्षेप की खबरों के बीच सूची होल्ड पर चली गई। सूत्र बताते हैं कि वीडी शर्मा हर हाल में जिला संगठन में अपने समर्थकों का वर्चस्व चाहते हैं। इस गुट की रणनीति यह है कि कार्यकारिणी बदले जाने की बजाय मौजूदा कार्यकारिणी ही काम करती रहे, क्योंकि इस कार्यकारिणी में ज्यादातर वीडी समर्थकों का कब्जा है। अगर बदलाव हुआ तो टीम वीडी के कमजोर होने की शुरुआत हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार प्रदेश संगठन के प्रमुख लोगों के पास कटनी जिले की राजनीतिक परिस्थितियों की पूरी सूचना है, इसलिए संभावना है कि जब भी होगी, बड़ी सर्जरी होगी। दरअसल जिले के विधायकों के समर्थक भी संगठन में नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में दिग्गजों के बीच समन्वय बैठाने में बड़ी चुनौतियां सामने आ रही है।
डेढ़ साल से कम समय, कब बनेंगे एल्डरमैन
नगर निगम की मौजूदा परिषद के कार्यकाल को अब डेढ़ साल का ही वक्त बचा है, ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि सरकार निकायों में एल्डरमैन की नियुक्तियों पर मुहर कब लगाएगी। सरकार और संगठन के स्तर पर नाम बुलवा लिए जाने के बावजूद सबकुछ होल्ड पर है। अभी भी कई दिनों तक नियुक्तियों की कोई सुगबुगाहट नहीं है, ऐसे में जाहिर है अगर एल्डरमैन बनाए भी जाते हैं तो उन्हें बमुश्किल साल भर का ही वक्त मिलेगा। कटनी विकास प्राधिकरण का भी यही हाल है। कटनी से किसी नेता को निगम या मंडल में जगह मिल पाएगी या नहीं यह भी भविष्य की गर्त में है। खबरें तक यह भी हैं कि मंत्रिमंडल का विस्तार भी जल्द ही होना है और कटनी जिले को महत्व मिल सकता है। अब देखना है कि एसआईआर में जुटी पार्टी नियुक्तियों की किताब कब खोलती है।








