एमबीबीएस छात्रा की मौत की जांच की मांगए पिता ने जताई हत्या की आशंकाए अब तक एफआईआर नहींए उत्तरप्रदेश के नाम राज्यपाल एसडीएम को ज्ञापन

पवई, यशभारत। पवई निवासी एवं आयुर्वेद चिकित्सक डॉ अनुराग मिश्रा ने अपनी पुत्री एवं एमबीबीएस अंतिम वर्ष की छात्रा सृष्टि मिश्रा की प्रयागराज में हुई संदिग्ध मौत के मामले में हत्या की आशंका जताते हुए दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने उप्र के राज्यपाल के नाम एसडीएम पवई को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि सृष्टि मिश्रा प्रयागराज स्थित यूनाइटेड मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की छात्रा थीं। 15 जून को वह पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में घर से प्रयागराज गई थीं। 20 जून की सुबह सृष्टि के मोबाइल से परिजनों को फोन कर उसकी तबीयत खराब होने की सूचना मिली। परिजन जब मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो सृष्टि इमरजेंसी वार्ड में मृत अवस्था में मिली। परिजनों का आरोप है कि सृष्टि के चेहरे का रंग नीला पड़ा था तथा उसके हाथ में पहनी सोने की अंगूठी गायब थी। उनका कहना है कि घटना से एक रात पहले सृष्टि ने अपनी मां से 20 मिनट बात की थी और उस दौरान वह पूरी तरह स्वस्थ एवं सामान्य थी। ज्ञापन में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। परिजनों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने पहले मौत का कारण साइलेंट अटैक बताया, जबकि बाद में मिर्गी का दौरा पडऩे की बात कही गई। उनका कहना है कि सृष्टि को कभी मिर्गी की बीमारी नहीं थी। इसके अलावा आरोप लगाया गया है कि सृष्टि के मोबाइल से सोशल मीडिया सहित कई एप्लीकेशन डिलीट कर दिए गए तथा पोस्टमार्टम के दौरान एक चिकित्सक की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
छात्रावास के सीसीटीवी फुटेज की जांच करे पुलिस
डॉ. अनुराग मिश्रा ने बताया कि उन्होंने 22 जून को संबंधित थाने में लिखित शिकायत के साथ सृष्टि का मोबाइल भी पुलिस को सौंप दिया था लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। सीसीटीवी फुटेज की जांच भी नहीं की जा रही है। मांग की गई है कि मेडिकल कॉलेज एवं छात्रावास के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर उनकी जांच कराई जाए। छात्र-छात्राओं से पूछताछ की जाए। मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कराई जाए तथा मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।







