आस्था के सागर में डुबकी लगाई श्रद्धालुओं ने, देर रात तक चलता रहा भजन कीर्तन और सत्संग का सिलसिला, बाबा ईश्वरशाह के आध्यात्मिक प्रवचनों के साथ बरसी मेले का समापन

कटनी, यशभारत। माधवनगर में आयोजित दो दिवसीय बरसी मेले में शहर एवं देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने आस्था के सागर में गोते लगाए। सारा आलम बाबा माधवशाह, नारायणशाह के जयकारों से गूंज उठा। दरबार में बनाए गए शाही पंडाल में हजारों हाथ हरे माधव के बोल के साथ खड़े हो गए। हरे माधव सत्संग एवं भजन कीर्तन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। आज दोपहर लंगर के साथ बरसी मेले का समापन हो जाएगा। भजन मंडलियों के कीर्तन ने बरसी में मेले में चार चांद लगा दिए। हरे माधव एवं जब तक सूरज चांद रहेगा, बाबा तेरा नाम रहेगा…के जयघोषों से सारा आलम गंूज उठा। बरसी मेले के दूसरे दिन आज शनिवार की सुबह बाबा ईश्वरशाह द्वारा प्रवचनों की अमृतवर्षा की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोगों की उपस्थिति रही। प्रवचनों के बाद दोपहर आम भंडारा लंगर का आयोजन किया गया। मेलास्थल पर बने सुसज्जित पंडाल में सतगुरू साहब के दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से आए भक्तों का रेला लगा रहा। बरसी मेले के अवसर पर समूचे माधवनगर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। लाउड स्पीकरों के जरिए समूचे क्षेत्र में बाबा की भक्ति से संबंधित गीतों का सिलिसिला चलता रहा, जो आज रात्रि देर रात तक चलता रहेगा। पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी बरसी मेले को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सेवा कार्यों में युवाओं के समूह व्यस्त नजर आए। विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं ने भी मेला स्थाल पर इंतजामों का जिम्मा संभाले रखा।






