आश्रमों और मंदिरों में गूंजे गुरु वंदना के स्वर
धार्मिक स्थलों पर दिनभर चले गुरु पूजन, प्रवचन, भजन-कीर्तन व भंडारे


आश्रमों और मंदिरों में गूंजे गुरु वंदना के स्वरगुरु पूर्णिमा पर जिलेभर में उमड़ा आस्था का सैलाब
धार्मिक स्थलों पर दिनभर चले गुरु पूजन, प्रवचन, भजन-कीर्तन व भंडारे

कटनी, यशभारत। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जिलेभर के आश्रमों और मंदिरों में आज सुबह से ही श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक स्थित गुरु धामों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गुरु पूजन, चरण वंदना, सुंदरकांड, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन, आध्यात्मिक प्रवचन, महाआरती एवं विशाल भंडारों के बीच पूरा जिला भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया। प्रमुख धार्मिक स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाया गया, जहां श्रद्धालु अपने गुरुओं के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते रहे।
सबसे अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ दद्दा धाम में देखने को मिली। ब्रह्मलीन परम पूज्य पं. देव प्रभाकर शास्त्री ‘दद्दा जी’ की पावन स्मृति में डॉ अनिल शास्त्री , डॉ सुनील त्रिपाठी, छोटे भैया पं नीरज शास्त्री के सानिध्य में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव में सुबह से ही समाधि स्थल पर दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। धाम परिसर में पार्थिव शिवलिंग निर्माण का विशेष धार्मिक अनुष्ठान आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से सहभागिता की। महारुद्राभिषेक, गुरु पूजन और महाआरती के साथ पूरा परिसर “हर-हर महादेव” और “दद्दा जी” के जयघोषों से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धाम समिति द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं भी की गईं।
भरभरा आश्रम में विखरी दिव्यता
स्लीमनाबाद-पान उमरिया मार्ग स्थित भरभरा आश्रम में परम कृपालु श्री 1008 बनवारी दास जी महाराज के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचकर गुरु महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। आश्रम में गुरु पूजन, चरण वंदना, आध्यात्मिक प्रवचन एवं भजन-कीर्तन का क्रम लगातार जारी है। गुरु महाराज के प्रेरणादायी संदेशों का श्रवण करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। कृपा पात्र सेवक रमाकांत पाठक ने बताया की आश्रम परिसर में सुबह से शाम तक गुरु प्रसाद (भंडारा) की व्यवस्था की गई है, जिसमें दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। पूरा आश्रम गुरु भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर दिखाई दे रहा है।
आलौकिक छटा से गुलज़ार रहा सिध्न धाम
श्री सिद्धधाम लोढ़ा पहाड़ आश्रम में भी गुरु पूर्णिमा महोत्सव परम पूज्य गुरुदेव भगवान अनंत विभूषित पूज्य संत जु महाराज के पावन सानिध्य में महंत श्री सीता शरण जी महाराज जी के साथ श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। प्रातःकाल से ही गुरु भाई-बहन एवं श्रद्धालु आश्रम पहुंचकर गुरु पूजन, चरण वंदना और आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। आश्रम में भजन-कीर्तन, आध्यात्मिक सत्संग, आरती एवं महाप्रसाद का आयोजन निरंतर चल रहा है। पूरे परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। कृपा पात्र भक्त विवेक गोल्डन पांडे,सुनील मिश्रा ने बताया की दिनभर दर्शन और गुरु कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं का सिलसिला लगातार जारी रहा।
राधा भवन बना आस्था का केंद्र
लक्ष्मी नारायण मंदिर रोड स्थित राधा भवन में परम पूज्य स्वामी श्री भूपनारायण जी महाराज एवं डॉ. बालेंदु जी महाराज के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश पूजन से हुई, जिसके बाद सुंदरकांड पाठ, गुरु पूजन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजक मंडल के ऋषि चतुर्वेदी ने बताया की धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। पूरे परिसर में भक्ति, श्रद्धा और गुरु वंदना का वातावरण बना हुआ है।
जिले भर अनेक आयोजन
इसके अलावा चंडिका नगर स्थित मां चंडिका मंदिर में श्री श्री 1008 लहरी जी महाराज के सानिध्य में संगीतमय सुंदरकांड, गुरु पूजन एवं विशाल भंडारा आयोजित किया जा रहा है।
हनुमत कुटी धाम (देवरी आश्रम) में संत श्री 1008 सुरेंद्र दास जी महाराज के सानिध्य में गुरु वंदन, सुंदरकांड पाठ एवं महाप्रसाद का आयोजन हो रहा है।
बांधा इमलाज स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर (लघु वृंदावन धाम) में महाआरती, संकीर्तन एवं प्रसाद वितरण तथा कुठला महाकाली मंदिर सहित जिले के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी गुरु पूर्णिमा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जा रही है।
दिनभर चले धार्मिक आयोजनों में हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु परंपरा के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते हुए गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया। भक्ति, सेवा और समर्पण के भाव से सराबोर गुरु पूर्णिमा महोत्सव ने पूरे जिले को आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा के रंग में रंग दिया।







