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फर्जी सिग्नेचर से महिला समूह के खातों से अधिकारी निकाल रहे पैसे

जांच में हो रही हीला-हवाली, लाखों के गोलमाल की आशंका

चैक जिनमें फर्जी सिगनेचर के आरोप लगाए जा रहे है

जबलपुर, यश भारत। स्व-सहायता समूह की महिलाओं के साथ उपार्जन में हुए गोलमाल की जांच अभी पूरी नहीं हो पाई है और अब समूह स्तर पर संचालित अन्य योजनाओं में भी अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला सिहोरा तहसील अंतर्गत आने वाले ज्ञानदीप संकुल स्तरीय संगठन का है, जहां संगठन की महिलाओं ने नोडल अधिकारी पर गंभीर आर्थिक अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। सबसे गंभीर आरोप फर्जी हस्ताक्षर (सिग्नेचर) के जरिए समूह के खाते से लाखों रुपये की हेराफेरी का है। साथ ही योजनाओं के नाम पर आने वाली राशि के गायब होने के मामले भी सामने आ रहे हैं।

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सिग्नेचर में है गोलमाल

जानकारी के मुताबिक, ज्ञानदीप सहायता समूह का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की सिहोरा शाखा में खाता खोला गया है। आरोप है कि खाते में जो अधिकृत (ऑथराइज्ड) हस्ताक्षर दर्ज कराए गए, वे वास्तविक पदाधिकारियों के नहीं बल्कि फर्जी तरीके से कराए गए। महिलाओं का आरोप है कि इन्हीं फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर खाते से 10 लाख रुपये से अधिक की राशि निकाल ली गई। उनका कहना है कि बैंक में दर्ज हस्ताक्षर उनके नहीं हैं और न ही उन्हें कभी बैंक बुलाकर सही हस्ताक्षर कराने की प्रक्रिया पूरी की गई। अधिकांश राशि ‘योर सेल्फ’ के माध्यम से खाते से निकाली गई।

निजी खातों में गए हैं पैसे

जानकारी के अनुसार, समूह के खातों से कुछ राशि संबंधित विभाग के अधिकारियों के खातों में भी भेजी गई है। संकुल स्तरीय संगठन की महिलाएं पूर्व में संकुल में पदस्थ नोडल अधिकारी संजय कुमार मिश्रा पर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही हैं। उनका कहना है कि अनियमितताओं के बाद उन्होंने स्थानांतरण कराकर कुंडम चले गए। वहीं, इस पूरे मामले में जिला पंचायत के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर भी पैसों के लेनदेन के सीधे आरोप लगाए जा रहे हैं।

वर्जन

‘उक्त विषय में अभी जिला पंचायत के पास कोई जांच नहीं आई है। यदि ऐसी कोई जांच आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। प्रयास रहेगा कि इस मामले की जांच संबंधित विभाग के अधिकारियों से न कराकर बाहर के अधिकारियों से कराई जाए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। ‘
अंजुला झा
जिला प्रबंधक, मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका

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