अद्भुत… अकल्पनीय… अविस्मणीय: मठ सरकार का राजसी श्रृंगार, उमड़ा आस्था का सैलाब… देखें पूरा वीडियो

सिवनी यश भारत:-भगवान शिव को समर्पित पवित्र श्रावण मास के पहले सोमवार पर सोमवार सुबह से जिलेभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजन-अर्चन कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। शहर के प्राचीन मठ मंदिर में विराजमान मठ सरकार का महाकाल समिति द्वारा किया गया अलौकिक श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। भव्य श्रृंगार के दर्शन कर भक्त भावविभोर हो रहे हैं।
महाकाल समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरे श्रावण मास में विशेष धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहेगा। मठ सरकार की विशेष पूजा, महाआरती, भजन-कीर्तन तथा प्रसाद वितरण के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्रृंगार के बाद ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच भगवान शिव की आरती और पूजन-अर्चन संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
30 जुलाई से प्रारंभ हुए श्रावण मास के पहले सोमवार को लेकर जिले के प्रमुख शिवालयों में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर समितियों ने दर्शन, जलाभिषेक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलग-अलग प्रबंध किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही भक्त गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, इत्र और विभिन्न फलों के रस से भगवान शिव का अभिषेक कर रहे हैं तथा बेलपत्र, धतूरा, शमीपत्र, दूर्वा और पुष्प अर्पित कर दर्शन लाभ ले रहे हैं। धार्मिक मान्यता है कि श्रावण मास में श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
श्रावण मास में कांवड़ यात्रा का भी विशेष महत्व है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पवित्र नदियों और जलस्रोतों से जल भरकर शिवालयों तक कांवड़ यात्रा निकालते हैं। मां बैनगंगा के उद्गम स्थल मुंडारा से निकलने वाली कांवड़ यात्रा मातृधाम कातलबोड़ी होते हुए गुरूरत्नेश्वर धाम दिघौरी पहुंचती है, जहां श्रद्धालु स्फटिक शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। पूरे श्रावण मास में अखंड रामायण पाठ, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन, सुंदरकांड पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजन से जिले का वातावरण पूरी तरह शिवमय और भक्तिमय बना हुआ है।







