मध्य प्रदेशराज्य

मंडला फोर्ट और नैनपुर जंक्शन को WCR जबलपुर जोन में शामिल करने तथा मंडला को पूर्ण कोचिंग टर्मिनल बनाने की पुरजोर मांग

मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचल महाकौशल-छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर का 126 साल का इंतज़ार, क्या अब खत्म होगा वनवास?

मंडला |जिले के सर्वांगीण रेल विकास एवं विस्तार को लेकर राज्यसभा सांसद श्री विवेक तन्खा जी को सौंपा महत्वपूर्ण ज्ञापन। आज जबलपुर प्रवास के दौरान, हम सभी ने राज्यसभा सांसद  श्री विवेक तन्खा जी से उनके निज निवास पर शिष्टाचार भेंट की। यह संपूर्ण एवं महत्वपूर्ण कार्य श्री नारायण सिंह पत्ता जी के विशेष प्रयासों व समन्वय से संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंडला जिले की रेल सुविधाओं के विस्तार, क्षेत्र की भौगोलिक आवश्यकताओं तथा आदिवासी अंचल के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, संसद में ‘विशेष उल्लेख’ या ‘शून्यकाल’ के माध्यम से इन जनहित की मांगों को पूरी मजबूती से उठाने हेतु एक औपचारिक पत्र सौंपकर पुरजोर आग्रह किया गया। इस अवसर पर निवास विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक श्री चैनसिंह वरकड़े जी एवं ‘नित्य भारत’ समाचार पत्र के प्रधान संपादक श्री सुभाष पांडे जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न रेल प्रोजेक्ट्स को राष्ट्रीय स्तर पर गति देने के लिए गंभीर चर्चा की गई। प्रमुख मांगें एवं बिंदु निम्‍न हैं –

नर्मदा-मैकलसुता भोरमदेव रेल कॉरिडोर

 

पंडरिया-मंडला-ग्वारीघाट (230 किमी मिसिंग लिंक) इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर के लिए तत्काल Updated Traffic Survey स्वीकृत किए जाने तथा इसे कटघोरा-उसलापुर-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के साथ समेकित कर राष्ट्रीय प्राथमिकता रेल कॉरिडोर घोषित करने की मांग की गई है।

नर्मदा-विंध्य रेल कॉरिडोर

पेंड्रा-अमरकंटक-डिंडोरी-मंडला-गोटेंगांव रेल प्रोजेक्ट के लिए शीघ्र Final Location Survey की स्वीकृति प्रदान कर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया गया है।

 रेलवे जबलपुर जोन में विस्तार

 

यात्रियों की सुविधा, बेहतर रेल संचालन और प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन एवं नैनपुर जंक्शन को पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर जोन के अंतर्गत शामिल करने तथा मंडला फोर्ट को एक विकसित कोचिंग टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित करने की पुरजोर मांग उठाई गई है।

आदिवासी अंचल के सामाजिक व आर्थिक विकास का मार्ग

 

ज्ञापन में यह रेखांकित किया गया है कि ये दोनों रेल परियोजनाएं केवल रेल संपर्क का विषय नहीं हैं, बल्कि आदिवासी अंचल के सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय संतुलित विकास, पर्यटन संवर्धन, रोजगार सृजन और राष्ट्रीय रेल नेटवर्क के विस्तार से जुड़ी हुई हैं। इसके क्रियान्वयन से अमरकंटक, कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, भोरमदेव, भेड़ाघाट, रतनपुर सहित अनेक धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिलेगी और देश को एक वैकल्पिक एवं रणनीतिक रेल कॉरिडोर प्राप्त होगा।

 

इस अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्हें पूर्ण विश्वास है कि यह जनहित का मुद्दा राज्यसभा में प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। स्वतंत्र रेल एक्टिविस्ट नितिन सोलंकी ने कहा है कि “नर्मदा-मैकलसुता भोरमदेव” और “नर्मदा-विंध्य रेल कॉरिडोर” जैसी परियोजनाएं महाकौशल और मध्य भारत के आदिवासी अंचलों के विकास की जीवनरेखा हैं। उन्होंने मंडला फोर्ट और नैनपुर जंक्शन को पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर जोन में शामिल करने तथा मंडला फोर्ट को कोचिंग टर्मिनल बनाने की मांग करते हुए विश्वास जताया है कि सांसद विवेक तन्खा इस महत्वपूर्ण जनहित मुद्दे को राज्यसभा में प्रमुखता से उठाएंगे।

 

क्षेत्र की जनता की प्रमुख मांग है कि “नर्मदा-मैकलसुता भोरमदेव” व “नर्मदा-विंध्य रेल कॉरिडोर” परियोजनाओं का सर्वे जल्द पूरा हो तथा बेहतर संचालन के लिए मंडला फोर्ट व नैनपुर जंक्शन को पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) जबलपुर जोन में शामिल कर मंडला फोर्ट को कोचिंग टर्मिनल बनाया जाए।

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