जबलपुरमध्य प्रदेश

मझगवां में प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या : 3 साल के प्रेम के आगे नहीं टिका सात जन्मों का साथ

जबलपुर, यशभारत। मझगवां सतधारा में युवक के नृशंस हत्याकंाड के बाद महज 24 घंटे में ही पुलिस ने मौत की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। तीनों ने मिलकर युवक को पहले तो कच्ची शराब पिलाई और फिर पत्थर से सिर कुचल कर मौत के घाट उतार दिया और बाद में सभी अपने-अपने घर आकर सो गए। लेकिन मामले से पर्दा तब उठा जब मृतक के चाचा ने तीनों को घर आते हुए देखा। जिसकी जानकारी उसने पुलिस को दी। जांच के दौरान मिले सबूत और परिजनों के कथन के बाद पुलिस ने तीनों को जब पकड़ा तो उन्होंने अपना जुर्म कुबूल कर लिया।

टीआई लोकमन अहिरवार ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पिंडरई से मजदूरी कर घर लौट रहे आशीष पिता नरोत्तम चौधरी 30 वर्ष निवासी देवरी सतधारा का शव मेन रोड में बरामद किया गया था। मृतक के सिर से खून बह रहा था और पास में ही खून से सना हुआ पत्थर बरामद किया गया था। जिसके बाद घटना स्थल में ही यह बात स्पस्ट हो गयी थी कि युवक की निर्मम हत्या की गई है। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी पत्नी साधना चौधरी उसके प्रेमी धमेन्द्र उर्फ घिन्नू पिता स्व. जुगल किशोर पटैल 28 वर्ष सहित प्रेमी के दोस्त अमित उर्फ चालीसा पटैल, पिता नरेन्द्र पटैल 30 वर्ष को दबोच लिया।

जांच में खुल गया राज
मझगवां में युवक की हत्या के बाद एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देशन में मौके पर पहुंची एसडीओपी भावना मरावी के मार्ग दर्शन में बारीकी से मामले की जांच की गई। परिजनों के कथन के दौरान मृतक आशीष चौधरी के चाचा जय कुमार चौधरी ने आरोपियों को वारदात के बाद घर लौटते हुए एकसाथ देख लिया है।

पति से चाहती थी छुटकारा
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी पत्नी साधना, मृतक आशीष से छुटकारा पाना चाहती थी। क्योंकि उसका धमेन्द्र के साथ तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। साधना अपने प्रेमी धर्मेन्द्र के साथ जीने मरने की कसमें खा चुकी थी, लेकिन इन सब के बीच उसका पति बीच में आ रहा था।

एकसाथ बैठकर बनाया मर्डर का प्लान
धर्मेन्द्र जब भी एकांत में मिलने के लिए साधना को बुलाता था, तो समाज का डर रहता था। इस बात से दोनों के रिश्ते खटाई में पडऩे लगे थे। वहीं साधना को भी यह आभास होने लगा था कि यदि कुछ दिन ऐसा ही चला तो उसका प्रेमी धमेन्द्र उसे छोड़ देगा। वहीं, धर्मेन्द्र भी साधना से मिलने की जिद करता था और अक्सर दोनों की मुलाकात एकांत में होती थी, लेकिन पहरे के साथ। जिसके बाद साधना और धर्मेन्द्र अब अपने रिश्ते को लेकर अक्सर परेशान रहने लगे। उनको यह बात खटकने लगी कि कहीं समाजा को पता चल गया तो दोनों ही परिवारों की इज्जत तार-तार हो जाएगी। इसके पहले दोनेां ने एकसाथ भागने का प्लान भी बनाया, लेकिन वह संभव ना हो सका। जिसके बाद दोनों ने मृतक आशीष को रास्ते से हटाने का प्लान बनाने लगे। उनको यह डर तो था कि कहीं पकड़े गए तो पूरी जिदंगी जेल में काटनी पड़ेगी। लेकिन प्रेम के आगे मजबूर दोनों ने पिछले सप्ताह आशीष के मर्डर का प्लान बना डाला।

पत्नी ने दी लोकेशन, शराब पिलाकर कुचल दिया सिर
धर्मेन्द्र और साधना ने पूरी योजना बनाई। लेकिन बाद में अमित उर्फ चालीसा पटैल को धमेन्द्र ने हत्याकांड में सहयोग देने राजी कर लिया। तय योजना के अनुसार साधना ने धर्मेन्द्र और अमित को पति की लोकेशन दी। जिसके बाद दोनेां मृतक आशीष के पास पहुंचे और पहले तो जमकर शराब पिलाई और फिर जब आशीष बेहोश होने लगा तो उसके सिर में पत्थर से ताबड़तोड़ वार कर सिर कुचल दिया और तीनों अपने घर में जाकर सो गए।

देख रहे थे हसीन सपने, पुलिस ने दबोचा तो कहा- गलत किया
नृशंस हत्याकांड को अंजाम देने के बाद तीनों अपने घर में सो गए। जब सुबह आशीष का शव रोड किनारे मिला तो तीनों जानबूझकर रोने लगे, ताकि किसी को शक ना हो। आरोपी पत्नी साधना तो पति की मौत के बाद बेहोश होने लगी, जिसे परिनजों ने सम्हाला। यह भी प्लान का एक हिस्सा था, ताकि किसी को शक ना हो। जिसके बाद साधना और धर्मेन्द्र अपने मिलन के हसीन ख्बाव देखने लगे। लेकिन जब पुलिस ने एक के बाद एक, तीनों को दबोचा तो उन्होंने अपना जुर्म कुबूल करते हुए कहा कि उन्होंने आशीष को मारकर गलती कर दी, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। पुलिस तीनों से सख्ती से पूछताछ कर रही है।

   मामले के खुलासे में टीआई लोकमन अहिरवार, एसआई विनोद बागरी एएसआई भैया लाल वर्मा , आरक्षक हरिनारायण, आकाश सोनकर, राजेश यादव, नीरज चौरसिया, एफएसएल सुनीता तिवारी का विशेष सहयोग रहा।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button