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आज है चैत्र पूर्णिमा, साल में 12 बार आता यह खास दिन,देखिए तारीाख, जानिए महत्व

हिंदू धर्म में दो महत्वपूर्ण तिथियों का बड़ा महत्व बताया गया है। ये हैं – पूर्णिमा और अमावस्या। हर महीने में एक पूर्णिमा और एक अमावस्या होती है। पूर्णिमा के दिन देवताओं की पूजा और दान और अमावस्या के दिन पितरों के नाम से किया जाता है। साल 2022 की पहली पूर्णिमा 17 जनवरी को थी। इसे पौष पूर्णिमा भी कहा जाता है। साल की 12 पूर्णिमा का अपना ही महत्व है। वेद व्यास, गौतम बुद्ध जैसे महात्माओं का जन्म भी इन्हीं तिथियों में हुआ था। नीचे देखिए पूरी लिस्ट आने वाले महीनों में किस तारीख और दिन पर पूर्णिमा रहेगी।

पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। इन तिथियों में महापुरुषों, धर्मगुरुओं और देवताओं का जन्म हुआ था। इस वजह से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण रूप में होता है और इसमें सोलह चरण होते हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, साल की किसी भी पूर्णिमा के दिन पवित्र स्नान, दान और व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन विवाहित महिलाएं व्रत रखकर अपने सौभाग्य की वृद्धि करती हैं। पति की लंबी उम्र के लिए बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। इसके अलावा इस दिन बिल्वपत्र से भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा की जाती है। होलिका दहन फाल्गुन की पूर्णिमा को मनाया जाता है और रक्षा बंधन का त्योहार सावन की पूर्णिमा को मनाया जाता है। जो प्रेम और सद्भाव की भावना को जागृत करता है। कुंडली का चंद्र दोष समाप्त होता है। वहीं शाकंभरी पूर्णिमा का व्रत जनवरी माह में पौष पूर्णिमा के दिन रखा जाता है।

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