
जबलपुर, यश भारत। शेल कंपनियों और फर्जी धर्मार्थ (चैरिटेबल) ट्रस्टों के जरिए अवैध रूप से विदेश पैसा भेजने के एक बड़े खेल का आयकर विभाग ने पर्दाफाश किया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, फर्जी दान और बोगस बिलिंग के आधार पर पिछले तीन वर्षों में भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा बाहर भेजी गई है। जांच में सामने आया कि कम टर्नओवर वाली या रिटर्न दाखिल न करने वाली शेल संस्थाएं सॉफ्टवेयर आयात, माल भाड़े और परामर्श सेवाओं के नाम पर पैसा बाहर भेज रही थीं। इस पूरे खेल में कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और और प्रोफेशनल्स द्वारा बिना उचित जांच-पड़ताल के बड़ी संख्या में Form 15CB प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे थे। सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि Form 15CB/Form 146 जारी करने वाले प्रोफेशनल्स को दस्तावेजों की गहन पड़ताल के बाद ही प्रमाणीकरण करना चाहिए। फिलहाल इस मामले में आयकर विभाग की विस्तृत जांच जारी है।
देशव्यापी कार्रवाई
आयकर विभाग ने 18 अगस्त 2026 से शेल संस्थाओं और संबंधित प्रोफेशनल्स के खिलाफ बड़ा सत्यापन अभियान शुरू किया है। देश भर की लगभग 394 संदिग्ध इकाइयां और 36 प्रोफेशनल्स।
अंतरराष्ट्रीय स्थलीय सीमाओं से लगे राज्यों की 117 इकाइयां भी जांच के घेरे में हैं।
जबलपुर में भी जांच
विंग ने जबलपुर, भोपाल और सतना में एक साथ राष्ट्रीय स्तर पर चल रही इस कार्रवाई की आंच मध्य प्रदेश तक पहुँच गई है। इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन सर्वे की कार्रवाई शुरू की है। जबलपुर में शहर के पॉश इलाकों विजय नगरऔर नेपियर टाउन में टीमें तैनात हैं। जो मंगलवार से ही सर्च में लगी हुई है। जिन के निशाने पर शहर के 3 प्रमुख सीए के दफ्तर और 1 बड़ी कंपनी है। जहाँ संदिग्ध बैंकिंग ट्रांजैक्शन और डिजिटल दस्तावेजों की जांच का बड़ा ऑपरेशन अगले 2-3 दिनों तक जारी रहने की संभावना है।







