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बेंगलुरु में जैन समाज के बीच पहुंचे विवेक तन्खा, वीरसागर मुनि महाराज से लिया आशीर्वाद

राज्यसभा सांसद के आग्रह पर कार्यक्रम में पहुंचे कर्नाटक के मुख्यमंत्री, पुत्र वरुण तन्खा भी रहे मौजूद

जबलपुर के नगर गौरव आचार्य अनुकर्ष सागर महाराज का भी किया उल्लेख

जबलपुर, यश भारत। राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा ने बेंगलुरु स्थित श्री ज्ञानोदय दिगंबर जैन मंदिर पहुंचकर परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 वीरसागर महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर इस अवसर को सौभाग्यपूर्ण बताया। इस दौरान उनके पुत्र वरुण तन्खा भी मौजूद रहे।

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विवेक तन्खा ने अपनी पोस्ट में बताया कि मध्यप्रदेश के युवा साथियों के आग्रह पर वे बेंगलुरु के प्रसिद्ध श्री ज्ञानोदय दिगंबर जैन मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मध्यप्रदेश से जुड़े जैन समाज के लोगों और आईटी क्षेत्र में कार्यरत लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़े इस समाज का स्नेह और आत्मीय स्वागत उनके लिए खुशी का विषय है।
तन्खा ने जबलपुर के ‘नगर गौरव’, पूर्व आईआईटीयन और आईईएस अधिकारी आचार्य श्री 105 अनुकर्ष सागर महाराज के प्रति भी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने परम पूज्य वीरसागर महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करने को सौभाग्य का अवसर बताया।

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क्षमावाणी महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री

इसी अवसर पर आयोजित क्षमावाणी महोत्सव में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी शामिल हुए। तन्खा के आग्रह पर कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भगवान महावीर के अहिंसा और सत्य के संदेश को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अहिंसा मानवता का मूल मूल्य है और जैन धर्म ने दुनिया को करुणा, त्याग और क्षमा का संदेश दिया है।
मुख्यमंत्री ने कर्नाटक में जैन धर्म की प्राचीन और समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए श्रवणबेलगोला, बाहुबली की प्रतिमा और प्रदेश के जैन मंदिरों का जिक्र किया। उन्होंने क्षमावाणी के संदेश को समाज में शांति और सद्भाव बढ़ाने वाला बताया। शिवकुमार ने कहा कि जैन समाज की ओर से रखी गई मांगों को सरकार ने संज्ञान में लिया है। इनकी जांच के बाद आवश्यक सहायता और घोषणाओं को लेकर आने वाले दिनों में उचित निर्णय लिया जाएगा। कार्यक्रम में धार्मिक परंपरा, क्षमा, अहिंसा और सामाजिक एकजुटता का संदेश प्रमुखता से सामने आया।

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