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घर के विवाद में मारपीट और बलवा: जबलपुर में आरोपी फरार, चंदन दुबे गंभीर घायल

 

जबलपुर, संजीवनगर थाना क्षेत्र में घर खाली कराने के विवाद को लेकर हुई मारपीट और बलवे की घटना में चंदन दुबे नामक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।


 

क्या है पूरा मामला?

 

संजीवनगर थाना में दिनांक 25 जुलाई, 2025 को घायल अवस्था में चंदन दुबे अपनी पत्नी डॉ. कृष्णा दुबे (38 वर्ष, निवासी एचआईजी धन्वंतरि नगर) के साथ पहुंचे। चंदन दुबे को अधिक चोटें होने के कारण उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

घायल की पत्नी डॉ. कृष्णा दुबे ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनके पति कुछ नहीं करते हैं और वह एक गृहिणी हैं। उनके दो बच्चे हैं और परिवार में ससुर रामशंकर दुबे और देवर अमर दुबे भी रहते हैं। घर के ऊपरी हिस्से में देवर और ससुर एक कमरे में रहते हैं।

डॉ. कृष्णा के अनुसार, दिनांक 7 जुलाई, 2025 को देवर अमर दुबे और ससुर रामशंकर दुबे अपना निजी सामान ट्रक में रखकर कहीं ले जा रहे थे। जब उन्होंने अपने पति से उनके जाने का कारण पूछा, तब उन्हें पता चला कि उनके ससुर और देवर ने उनका रिहायशी घर बेच दिया है। उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि घर किसको बेचा गया है।


घर खाली कराने आए आरोपियों ने की मारपीट और धमकी

 

इस संबंध में दिनांक 24 जुलाई, 2025 को उनके घर पर रामशंकर दुबे, अमर दुबे और उनके साथ अजय चौरसिया, विजय चौरसिया और सोनू विश्वकर्मा घर खाली कराने के लिए आए। आरोप है कि इन लोगों ने किसी भारी चीज से उनके घर का दरवाजा तोड़कर जबरदस्ती अंदर घुस गए। जब डॉ. कृष्णा ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो अजय चौरसिया, विजय चौरसिया और सोनू विश्वकर्मा ने उनके पति चंदन दुबे के साथ मारपीट शुरू कर दी, जिससे उन्हें काफी चोटें आईं।डॉ. कृष्णा जब अपने पति को बचाने दौड़ीं, तो विजय चौरसिया ने उन्हें पीछे से खींचा, जिससे वह गिर गईं और सिर में चोट लगने से बेहोश हो गईं। होश आने पर उन्होंने सुना कि ससुर, देवर और उनके साथ आए लोग कह रहे थे कि “अगर तुम लोगों ने जल्दी घर खाली नहीं किया, तो तुम्हारे परिवार को जान से मार देंगे।” इसके बाद सभी गाली-गलौज करते हुए वहां से चले गए।


 

मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी

डॉ. कृष्णा दुबे की रिपोर्ट के आधार पर थाना संजीवनगर में धारा 333, 191(2), 115(2), 351(2), 296 बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है। इस घटना ने पारिवारिक संपत्ति विवादों में बढ़ती हिंसा को फिर से उजागर किया है।

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