मंत्रियों के बंगलों में अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ नेताओं की लग रही भीड़ – मनपंसद जगह पर पदस्थापना के लिए लगा रहे जुगत

मंत्रियों के बंगलों में अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ नेताओं की लग रही भीड़ – मनपंसद जगह पर पदस्थापना के लिए लगा रहे जुगत
भोपाल यशभारत। राजधानी में मंत्रियों के बंगलों में इन दिनों अधिकारियों और कर्मचारियों की भीड़ नजर आ रही है। दरअसल प्रदेश में तबादलों की प्रक्रिया चल रही है। बंगलोंंं पर सरकारी कर्मचारी अपने खास नेताओं को लेकर आ जा रहे हैं। वैसे तो तबादलों की आंतिम तारीख 31 मई है , लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे की वजह से अब तबादलों के किलए दस दिन का और समय मिलना तय हो गया है। माना जा रहा है कि जून के पहले सप्ताह में बड़े पैमाने पर विभिन्न विभागों के साथ ही जिला स्तर पर बड़े पैमाने पर नई पदस्थापाओं की सूचीयां जारी होंगी। अधिकारी कर्मचारी अपने अपने हिसाब से मनपंसद जगह पर जाने की जुगत जमाने में लगे हैं। मंत्रियों के करीबी अधिकारी कर्मचारी तो निश्चिंत हो चुके हैं, लेकिन कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं, जो अब भी असमंजस की स्थिति में है। दरअसल कुछ अधिकारी अपनी कार्यशैली के लिए कारण तो कुछ व्यवहार के कारण परेशान हैं। मंत्रियों के करीबी अधिकारियों को उनके पसंद का स्थान मिलना लगभग तय माना जा रहा है। भोपाल के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों के अधिकारी कर्मचारी भी मंत्रियों के बंगलों में आमद दर्ज करा रहे हैं। पिछले कुछ समय से जिन मंत्रियों के बंगलों में सन्नाटा पसरा रहता था अब उन बंगलों पर चहल पहल बढ़ गई है। सबसे खास बात तो यह है कि इन दिनों मंत्रियों कीह जगह उनके करीबियों की पूछ परख जमकर हो रही है। अधिकांश अधिकारी मंत्रियों से मिलने तो पहुंच रहे हैं, लेकिन मंत्री से मिलने पहले उनके खास व्यक्ति से मिलना पड़ता है। काफी मनौब्बल के बाद मंत्री से मिलने का समय मिल पा रहा है। कई मंत्री जो दौरे पर निकलने वाले होते हैं, उनका भ्रमण कार्यक्रम अधिकारी पहले ही अपने पास रख रहे हैं, ताकि मंत्री जी से मुलाकात हो सके। बताया जा रहा है कि मंत्री को खुश करने के लिए और अपने नंबर बढ़ाने के लिए अधिकारी खाली हाथ नहीं जाते हैं। इसे लेकर भी चर्चाओं का दौर जारी है। मध्यप्रदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले की प्रक्रिया शुरू होने के पहले ही अधिकारी कर्मचारी अपनी जुगाड़ जमाने में लगे हुए हैं। 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद इस प्रक्रिया प्रारंभ कर दिया जाएगा। सूत्रों की माने तो मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के तबादले 10 जून तक होंगे। सरकार ने प्रदेश में तबादलों की तारीख 30 मई से बढ़ाकर 10 जून कर दी थी। सभी विभगों को दस से ज्यादा ट्रांसफर करने के लिए मुख्यमंत्री की अनुमति लेनी जरूरी है। 1 मई से 30 मई तक राज्य में तबादले होना शुरू हुए थे। मध्यप्रदेश सरकार ने तबादला करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी। मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए नई तबादला नीति है लागू। ज्यादा आवेदन आने के कारण तबादलों की तारीख को आगे बढ़ाया गया। लगाया बोर्ड- कृपया स्थानांतरण के संबंध में संपर्क न करें प्रदेश के डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के साथ राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के साथ कई कैबिनेट मंत्रियों के बंगलों पर इस तरह के प्रिंटआउट लगा दिए गए हैं। इन प्रिंट आउट पर लिखा है कृपया स्थानान्तरण हेतु ऑनलाइन ही आवेदन करें। ऑफलाइन आवेदन इस कार्यालय में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यह लिखना तो ठीक है, लेकिन यहां तक लिख दिया गया है कि कृपया स्थानांतरण के संबंध में संपर्क न करें। बंगलों के बाहर एक तरफ ये प्रिंटआउट चिपके हुए हैं, वहीं दूसरी ओर तबादला आवेदन लिए खड़े लोगों का तांता लगा हुआ है। ऐसी स्थिति के बीच मंत्रियों के बंगलों पर यह भी लिखा हुआ है कि माननीय मंत्रीजी प्रवास पर हैं।







