खाली कुर्सियों की तस्वीर ने भोपाल में मचाई हलचल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के पहले नगर आगमन पर नहीं भर पाया था ऑडिटोरियम

जबलपुर यश भारत। भारतीय जनता पार्टी के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के संस्कारधानी आगमन को भले ही 15 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका हो लेकिन आज भी उनके आगमन पर किए गए भव्य स्वागत की चर्चाएं और कार्यकर्ताओं के उत्साह की बात तो होती है लेकिन वही एक ऐसी तस्वीर भी सामने आई है जो भाजपा कार्यकर्ताओं की उदासीनता को प्रदर्शित भी करती है। 19 जुलाई को हुए प्रथम नगर आगमन पर प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल का अंधमुख बाईपास पर ऐतिहासिक स्वागत हुआ था। यहां पर भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा हर छोटा बड़ा कार्य करता और नेता तथा पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। स्वागत के उपरांत निकली रैली में भी बड़ी संख्या में भाजपाई शामिल रहे और उनमें उत्साह भी देखा गया जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई और मंच लगाकर स्वागत भी किया गया। लेकिन जिस मानस भवन में मुख्य कार्यक्रम आयोजित था जहां श्री खंडेलवाल कार्यकर्ताओं को संबोधित करने वाले थे वहां कार्यक्रम के दौरान हाल के अंदर बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली ही रह गई जो कहीं ना कहीं कार्यक्रम के प्रति कार्यकर्ताओं की उदासीनता को प्रदर्शित करती हैं।
साढे सात सौ लोगों के बैठने की क्षमता है मानस भवन में
जिस मानस भवन के हाल में यह कार्यक्रम आयोजित था उसमें केवल साढे सात सौ लोगों की बैठने की क्षमता है। जबकि यदि कार्यकर्ताओं की अकेले बात की जाए तो केवल महानगर में ही 967 बूथ अध्यक्ष हैं यदि यह सभी आ जाते तो हाल में पैर रखने की जगह नहीं बचती। इसके बाद निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं। महानगर और जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी हैं मंडलों के अध्यक्ष हैं और उसके बाद बूथ अध्यक्षों का नंबर आता है। फिर आम कार्यकर्ताओं के अलावा पूर्व पदाधिकारियों की भी बड़ी फौज है बावजूद इसके हाल में कुर्सियां खाली होना आश्चर्य पैदा करने वाला तो है ही। अब इसके पीछे कारण क्या थे यह तो पार्टी से जुड़े लोग ही भली भांति बता सकते हैं।
ग्रामीण में 1185 बूथ
समाचार की शुरुआत में केवल महानगर के बूथों की संख्या और उनके अध्यक्षों की बात की थी लेकिन यदि जिला ग्रामीण की बात की जाए तो ग्रामीण में 1185 बूथ है तो स्वाभाविक है इतने अध्यक्ष भी होंगे। यदि इनको जोड़ दिया जाए तो वर्तमान में मानस भवन की जितनी सिटिंग क्षमता है उसके आधार पर तो ऐसी तीन हाल बूथ अध्यक्षों से ही भरे जा सकते थे।








