एमपी नगर की घटना के बाद भी शहर में खतरा बरकरार, बिजली पोल बना मौत का जाल, कई इलाकों में है इसी तरह के हालात

एमपी नगर की घटना के बाद भी शहर में खतरा बरकरार, बिजली पोल बना मौत का जाल, कई इलाकों में है इसी तरह के हालात
भोपाल, यश भारत। एमपी नगर में खुले तार की चपेट में आने से भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत ने शहर की विद्युत सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद पुलिस और संबंधित अमले ने मौके पर कार्रवाई की, लेकिन शहर के अन्य व्यस्त इलाकों में लगे बिजली पोलों की स्थिति भी अब जांच के घेरे में है। रविवार को एमपी नगर में सडक़ पार करते समय दिव्यऋषि तिवारी ने सडक़ किनारे लगे बिजली पोल को पकड़ लिया। पोल में करंट उतरने के कारण उन्हें जोरदार झटका लगा। उनकी पत्नी भी इसकी चपेट में आईं। मौके पर मौजूद यातायात पुलिसकर्मियों ने तत्काल बचाव करते हुए सीपीआर दिया और अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तिवारी को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पोल से जुड़े तार को सुरक्षित किया गया और पुलिस ने जांच शुरू कर दी। अब यह पता लगाया जा रहा है कि पोल में करंट किस वजह से आया और रखरखाव में किस स्तर पर चूक हुई। किसी व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
कहां क्या है स्थिति
रिजर्व बैंक के सामने भी खतरे की जांच जरूरी
रिजर्व बैंक के सामने का क्षेत्र बेहद व्यस्त है और यहां दिनभर वाहनों के साथ पैदल लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे स्थान पर बिजली पोल की वायरिंग और अर्थिंग में किसी तरह की खराबी राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
एमपी नगर हादसे के बाद इस क्षेत्र के पोलों की तत्काल तकनीकी जांच और करंट रिसाव की जांच जरूरी हो गई है। क्राइम ब्रांच के सामने हनुमान मंदिर के पास भी सवाल एमपी नगर क्राइम ब्रांच के सामने हनुमान मंदिर के पास भी लोगों की लगातार आवाजाही रहती है।

सुभाष नगर ब्रिज का पोल भी जांच के दायरे में
सुभाष नगर ब्रिज के आसपास मुख्य मार्ग होने के कारण वाहनों के साथ पैदल लोगों की आवाजाही बनी रहती है। सडक़ किनारे लगे पोलों की खराब वायरिंग या करंट रिसाव किसी भी राहगीर के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

अब सिर्फ मरम्मत नहीं, पूरे शहर की जांच जरूरी
एक पोल में करंट उतरने से हुई मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहर में ऐसे कितने पोल हैं, जिनकी नियमित जांच नहीं हो रही है। सार्वजनिक स्थानों पर लगे प्रत्येक बिजली और स्ट्रीट लाइट पोल की वायरिंग, अर्थिंग, जोड़ और करंट रिसाव की जांच की जानी चाहिए। जहां खतरा मिले, वहां मरम्मत होने तक बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए।






