जबलपुरमध्य प्रदेश

गृह क्षेत्र में नियुक्त हो रहे सर्वेयर गोलमाल को दे रहे बढ़ावा

स्थानीय स्तर पर मिलीभगत की आशंका

जबलपुर, यश भारत । न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू होने वाली है। जिस में गुणवत्ता जांच का काम निजी कंपनियों को सौंपा जाता है, जिनके सर्वेयर नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों के निर्देशन में कार्य करते हैं। पिछले कुछ सीजन से यह सामने आ रहा है कि सर्वेयरों की तैनाती उन्हीं क्षेत्रों में की जा रही है जहां उनका निवास है या उन्हें लगातार एक ही केंद्रों पर पदस्थ किया जा रहा है। इस व्यवस्था के कारण स्थानीय स्तर पर मिलीभगत की आशंका बढ़ जाती है। क्षेत्रीय पहचान और व्यक्तिगत संबंधों के चलते सर्वेयर दबाव में आ जाते हैं, जिससे गुणवत्ता जांच की निष्पक्षता प्रभावित होती है और गड़बड़ियों की संभावना बढ़ती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार गेहूं उपार्जन से पहले तैनाती नीति में बदलाव जरूरी है। जिस सर्वेयर का निवास पाटन में है, उसे बरगी या सिहोरा जैसे अन्य क्षेत्रों में भेजा जाए और किसी को भी अपने गृह क्षेत्र में जिम्मेदारी न दी जाए। साथ ही एक ही समिति या केंद्र पर बार-बार तैनाती पर भी रोक लगनी चाहिए। यदि प्रशासन इन बुनियादी सुधारों को लागू करता है, तो खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

गेहूं उपार्जन में जिन सर्वेयर को तैनात किया जाएगा उसमें इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि वे उस क्षेत्र के रहने वाले न हो, साथ ही उसे क्षेत्र में उन्हें पहले काम न किया हो।

संजय सिंह, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button