रिमझिम फुहारों के बीच सावन का शुभारंभ, शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब
पूरे माह में चार सावन सोमवार पड़ेंगे

जबलपुर,यशभारत। रिमझिम बारिश और ठंडी हवाओं के साथ गुरुवार को भगवान शिव की आराधना का पवित्र सावन मास शुरू हो गया। सुबह तड़के से ही शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। भक्तों ने शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। मंदिरों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन भगवान शिव को अत्यंत प्रिय महीना है। इस वर्ष सावन मास 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त तक रहेगा। पूरे माह में चार सावन सोमवार पड़ेंगे, जिन पर विशेष पूजा-अर्चना और व्रत का महत्व रहेगा। श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन सोमवार का व्रत और शिवलिंग का जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
सावन के दौरान सोमवार को भगवान शिव, मंगलवार को मां मंगला गौरी, बुधवार को गणपति, गुरुवार को बृहस्पति देव, शुक्रवार को जीवंतिका माता, शनिवार को हनुमान एवं भगवान नृसिंह तथा रविवार को सूर्य देव की विशेष आराधना की जाती है। धार्मिक दृष्टि से यह पूरा माह तप, जप, दान, व्रत और शिवभक्ति के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
शहर के विभिन्न शिवालयों में विशेष सजावट की गई है। मंदिर समितियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जलाभिषेक, दर्शन और सुरक्षा की समुचित व्यवस्थाएं की हैं। आगामी सावन सोमवारों और कांवड़ यात्रा को लेकर भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। वहीं 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ सावन मास का समापन होगा और इसी दिन रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा।
सावन के आगमन के साथ ही मौसम भी सुहावना हो गया है। बादलों की रिमझिम फुहारों और हरियाली ने प्रकृति की सुंदरता में चार चांद लगा दिए हैं। धार्मिक उत्साह और प्राकृतिक सौंदर्य के इस संगम ने पूरे शहर को शिवमय और भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया है।








