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सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के कार्य कराने के अधिकार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

 पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए मिलेंगे 50-50 हजार रुपए

सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के कार्य कराने के अधिकार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

 पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए मिलेंगे 50-50 हजार रुपए

वर्ष 2026 होगा कृषि आधारित उद्योग वर्ष

भोपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायतराज व्यवस्था में सरपंचों के पास पर्याप्त शक्तियां हैं और वे अपनी पंचायतों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। सरपंचों के माध्यम से ही प्रदेश में ग्राम विकास की गाड़ी आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पंचायतों को 25 लाख रुपए तक के कार्य कराने का अधिकार दिया जा रहा है। साथ ही हर पंचायत प्रतिनिधि को विकास कार्यों के लिए 50-50 हजार रुपए की राशि अंतरित की जाएगी।

पंचायतों में विकास योजनाओं के लिए नई व्यवस्था

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय निकायों की तरह पंचायतों में भी विकास योजनाएं बनाने और उन्हें क्रियान्वित करने की आवश्यकता है। पंचायतों को गांव के विकास की योजना स्वयं तैयार करने में सक्षम बनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मेलन 24 से 26 नवंबर को भोपाल में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री मंगलवार को जंबूरी मैदान में आयोजित सरपंच संयुक्त मोर्चा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

 दिल्ली विस्फोट के मृतकों के लिए दो मिनट का मौन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली में हुए कार विस्फोट को अत्यंत दुखद बताया और मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। उन्होंने कहा कि देश को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की क्षमता पर पूरा भरोसा है। भारत सरकार आतंकवाद और नक्सलवाद के समूल नाश के लिए अभियान चला रही है।

पंचायतों को मिलेंगे कार्यालय और सामुदायिक भवन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तीनों स्तर की पंचायतों के लिए कार्यालय और गांवों में सामुदायिक भवन उपलब्ध कराने जा रही है। इस क्रम में प्रदेश की पंचायतों के लिए

2472 अटल पंचायत भवन
1037 सामुदायिक भवन
106 जनपद पंचायत भवन, और
5 जिला पंचायत भवन स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि दिसंबर 2026 तक सभी शांति धामों को अतिक्रमण से मुक्त कर, उनके पहुंच मार्ग, फेंसिंग और पौधरोपण कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।

 कृषि आधारित उद्योग वर्ष 2026

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में रोजगार आधारित उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं और वर्ष 2026 को कृषि आधारित उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। कृषि उत्पादों के निर्माण हेतु कृषि और खाद्यान्न आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि युवाओं को उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। पंचायतों के माध्यम से लघु उद्योग, कुटीर उद्योग और रोजगार उद्योग स्थापित करने की दिशा में भी कार्य हो रहा है।

 श्रीराम वन गमन पथ विकास में पंचायतों की भागीदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि भगवान श्रीराम से संबंधित स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराएं। इन्हें श्रीराम वन गमन पथ के विकास में शामिल किया जाएगा। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को भी तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पंचायतें शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और उद्योग के कार्यों को प्रमुखता से करें। किसानों को गोपालन और पशुपालन के लिए प्रेरित करें ताकि मध्यप्रदेश दूध उत्पादन में अग्रणी राज्य बन सके।

 नदियों के उद्गम स्थलों का संरक्षण करें पंचायतें : मंत्री प्रह्लाद पटेल

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल ने सरपंचों को 25 लाख तक के कार्यों का अधिकार देने के निर्णय पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पंचायतें देश का सबसे बड़ा रिकॉर्ड रूम बन सकती हैं।

मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जिन पंचायतों में नदियों के उद्गम स्थल हैं, वे अपने विकास कार्यों में इनके संरक्षण और रखरखाव को प्राथमिकता दें। जिन पंचायतों की जनसंख्या 5000 से अधिक है, वहां दो सामुदायिक भवनों की स्वीकृति दी जाएगी।

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